अदालत ने इराक में मारे गए 39 लोगो की मौत का सरकार से माँगा जवाब

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भारत की बढती हुई जनसँख्या ,देश में बढ़ रही बेरोज़गारी की एक अहम वजह है |देश से कई युवा बेरोजगार काम की तलाश पराये देश का रुख करते है |जहां  कई बार उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और कई बार उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना  पड़ता है |

इराक में मारे गए थे  39 भारतीय
भारत से काम की तलाश में कुछ लोग इराक पहुंचे थे |चार साल पहले इराक में 39 भारतियों के लापता होने की खबर मिली थी |जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ओपरेशन करवाया था|बाद में विदेश मंत्री ने मोसुल में 39 भारतियों के मारे जाने की खबर संसद में दी |उन्होंने बताया कि इन सभी 39 भारतियों को ISIS ने मारा था |जिसके बाद लाशों को बग़दाद भेज दिया गया |सुषमा ने बताया कि उन्होंने DNA सैंपल के जरिए सभी शवों की जांच करवाई थी |जो इस बात की पुष्टि करता है कि मारे गए सभी लोग वहीँ 39 लोग है |अपने बयां में उन्होंने ये भी जानकारी दी थी कि पहाड़ की खुदाई करने के बाद शवों को निकाला गया था, जनरल वीके सिंह वहां पर सबूत की खोज में गए थे |

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से माँगा जवाब
मोसुल में मारे गए इन 39 भारतियों के मामले की सुनवाई दिल्ली में हाई कोर्ट कर रही है |अदालत ने सुनवाई के दौरान केद्र सरकार से जवाब माँगा है |कोर्ट ने सरकार से 2014 में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कितनी बार इराक का दौरा किया है ?इसकी जानकारी मांगी है |हाईकोर्ट अब मामले की अगली सुनवाई 31 मई को करेगा|

क्यों दायर की गयी अदालत में याचिका ?
आपको बता दें की ईरान मारे गए भारतियों की हत्या की स्वतंत्र जांच के लिए हाई कोर्ट  में याचिका दर्ज की गयी है |याचिका में सरकार और विदेश मंत्रालय पर देश को गलत जानकारी देकर गुमराह करने के आरोप लगाए गए है |अब मामला अदालत में है ,और इसके निष्पक्ष जांच की उम्मीद है |

 

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