भारत-ब्रिटेन नौसेना अभ्यास: प्लायमाउथ बंदरगाह पर 'कोंकण-26' के लिए INS त्रिशूल तैनात
भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच दो दशकों से अधिक पुरानी समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त युद्धाभ्यास 'कोंकण-26' का आयोजन किया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस…
भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच दो दशकों से अधिक पुरानी समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त युद्धाभ्यास 'कोंकण-26' का आयोजन किया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस वार्षिक अभ्यास के लिए भारतीय नौसेना का गाइडेड मिसाइल युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल 8 अक्टूबर को ब्रिटेन के प्लायमाउथ बंदरगाह पहुंच चुका है। यह युद्धाभ्यास 15 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन क्षमताओं को परखना है।
यह अभ्यास भारत और ब्रिटेन की व्यापक रणनीतिक साझेदारी और 'भारत-ब्रिटेन विजन-2035' के अनुरूप है। इसका लक्ष्य समुद्री मार्गों को सुरक्षित, खुला और स्वतंत्र बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।
दो चरणों में होगा युद्धाभ्यास
अभ्यास 'कोंकण-26' को दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण बंदरगाह पर केंद्रित है, जहाँ दोनों नौसेनाओं के कर्मी एक-दूसरे के साथ पेशेवर अनुभव साझा कर रहे हैं। इस दौरान वे एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा करेंगे और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेंगे। इसी चरण में आईएनएस त्रिशूल को आम आगंतुकों के लिए भी खोला जाएगा।
दूसरे चरण की गतिविधियाँ समुद्र में होंगी, जहाँ दोनों नौसेनाएँ अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। इस चरण में हवा, समुद्र की सतह और पानी के नीचे विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयुक्त अभ्यास किया जाएगा।
समुद्री कौशल का परीक्षण
समुद्री चरण में कई जटिल सैन्य गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। इनमें एक युद्धपोत से दूसरे पर विमान उतारना, हथियारों से फायरिंग करना और हवाई हमलों से बचाव की तैयारी शामिल है। इसके अलावा, पनडुब्बी रोधी अभ्यास (anti-submarine warfare) भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इन गतिविधियों के माध्यम से दोनों नौसेनाएँ चुनौतीपूर्ण माहौल में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की अपनी क्षमता को और बेहतर बनाएंगी और अपने अनुभवों को साझा करेंगी।
इनपुट: IANS



