Delhi MLA News : सैलरी तो बढ़ गई, अब दिल्ली के माननीयों को चाहिए ब्याज मुक्त कार लोन

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Delhi MLA News : सैलरी तो बढ़ गई, अब दिल्ली के माननीयों को चाहिए ब्याज मुक्त कार लोन

नई दिल्ली: बड़े बुजुर्गों से पूछिए तो कहेंगे लोन खुद कहता है कि ‘लो न’। इसके पीछे बड़ा तर्क ये दिया जाता है कि इंट्रेस्ट अच्छा खासा देना पड़ता है। पिछले दिनों होम लोन पर जब ईएमआई बढ़ी तो लोगों की चिंता भी बढ़ गई। ऐसा नहीं है कि आम लोग ही लोन या इंट्रेस्ट के झमेले से बचना चाहते हैं। हमारे माननीय भी लोन तो चाहते हैं, पर जिसमें इंट्रेस्ट न भरना पड़े। जी हां, दिल्ली विधानसभा में सोमवार को विधायकों और दिल्ली सरकार के मंत्रियों की सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से जुड़े 5 बिलों को पास किया गया। कहा गया कि पिछले 11 साल से यहां के विधायकों की सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि खर्चे कई गुना बढ़ गए हैं। मोटे तौर पर देखें तो सैलरी और भत्तों में करीब 66 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। आपको लगेगा कि वाह, विधायक जी के अच्छे दिन आ गए।

रुकिए, विधायक जी की राय भी जान लीजिए। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है तो पार्टी के विधायक तो हर बिल के समर्थन में रहेंगे ही, बात सैलरी की थी तो बीजेपी के विधायक और सदन में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने भी सैलरी में बढ़ोतरी का सपोर्ट किया। लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी भाजपा के कई विधायकों ने इंट्रेस्ट फ्री व्हीकल लोन की मांग की। वे चाहते हैं कि उनके लिए कार या दूसरी गाड़ियों के लिए लोन मिले और उस पर इंट्रेस्ट न देना पड़े। अलग-अलग बैंक कार लोन पर 7 से 9 पर्सेंट तक ब्याज वसूलते हैं।

किस राज्य में कितनी सैलरी।

विधायकों की मांगों में एक यह भी थी कि उनके लिए मिले दो डेटा एंट्री ऑपरेटर को बढ़ाकर चार किया जाए। सोमवार को दिल्ली विधानसभा से जो बिल पास हुआ है। उसे केंद्र सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। कानून मंत्री कैलाश गेहलोत ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों, विधायकों, चीफ व्हिप, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और नेता विपक्ष की सैलरी में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से जुड़े 5 बिल सदन में पेश किए, जिन पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

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वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि योग्य लोगों को राजनीति में लाने के लिए प्रेरित करने के लिए कुछ रिवॉर्ड्स भी होने चाहिए। जिस तरह कॉरपोरेट सेक्टर में अच्छी सैलरी देकर योग्य लोगों का एक समूह तैयार किया जाता है, वैसा ही राजनीति में भी किया जाना चाहिए।

अभी दिल्ली सरकार के मंत्रियों की बेसिक सैलरी करीब 20 हजार रुपए है, जिसे बढ़ाकर 60 हजार रुपए प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है। वहीं, विधायकों की बेसिक सैलरी 12 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने का प्रस्ताव पास किया गया है। कुल मिलाकर विधायकों की सैलरी और मासिक भत्ते 54 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़कर 90 हजार रुपए प्रतिमाह हो जाएंगे। सदन के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, चीफ व्हिप और नेता विपक्ष की सैलरी में भी मंत्रियों के जितनी ही बढ़ोतरी होगी।

बिल पर हुई चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि इतनी कम सैलरी होने के कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ विधायकों ने दावा किया कि दिल्ली के विधायकों की सैलरी यहां लागू उस न्यूनतम वेतन से भी कम है, जो मजदूरों को दी जाती है। कुछ विधायकों ने इस बात पर भी जोर दिया कि महंगाई दर में होने वाली बढ़ोतरी और विधायक के द्वारा किए जाने वाले कामों के अनुसार उनकी सैलरी में बढ़ोतरी होनी चाहिए।

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