नई दिल्लीः Delhi Metro की 37 किलोमीटर वाली मेजेंटा लाइन के हाईटेक होने के बाद अब पिंक लाइन (Pink Line) पर भी चालक रहित मेट्रो यानी ड्राइवरलेस मेट्रो (Driverless Metro) की सुविधा मिलने वाली है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शनिवार (2जनवरी) को एक और ड्राइवरलेस मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर ऐलान किया है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि जल्द ही दिल्ली वालों को पिंक लाइन पर भी चालक रहित (Driverless) मेट्रो में बैठने का मौका मिलेगा.
2021 के मध्य तक पिंक लाइन पर दोड़ेगी Driverless Metro
DMRC ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बताया कि 2021 के मध्य तक 59 किमी लंबी पिंक लाइन पर भी ड्राइवरलेस मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा. डीएमआरसी के अनुसार मेट्रो के एक और मुख्य कॉरिडोर पिंक लाइन(मजलिस पार्क से शिव विहार) पर भी साल 2021 के मध्य तक चालक रहित संचालन होगा. दिल्ली में मजलिस पार्क से शिव विहार को जोड़ने वाली 59 किमी लंबी पिंक लाइन पर बड़ी संख्या में लोग मेट्रो का सवार करते हैं. इस बीच पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो चलाने की अनुमति मिल गई है.
After starting driverless services on the 37 km long Magenta Line (Janakpuri West–Botanical Garden), another major corridor of the Delhi Metro, the 59 km long Pink Line (Majlis Park–Shiv Vihar) will also have driverless operations by the mid of 2021: Delhi Metro Rail Corporation pic.twitter.com/tTAeuViwvO
— ANI (@ANI) January 2, 2021
बीते सप्ताह हुई थी मेजेंट लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो की शुरुआत
पिछले साल 28 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 किलोमीटर वाली मजेंटा लाइन पर देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो को हरी झंडी दी थी और कहा था कि अब हमारा देश तकनीकि रूप से विश्व के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है. जनकपुरी पश्चिम से चलकर बॉटेनिकल गार्डन जाने वाली मेट्रो मजेंटा लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो में लोग सवार होते हैं. मालूम हो कि जनकपुरी वेस्ट से बॉटनिकल गार्डन के बीच 37 किमी लंबी मजेंटा लाइन को पहले ही ड्राइवरलेस मेट्रो बनाया जा चुका है.
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इन देशों में शामिल हुआ भारत
ड्राइवरलेस मेट्रो की शुरुआत होते ही भारत अब डेनमार्क, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा जैसे देशों की श्रेणी में आ गया है, जहां ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनें दौड़ती हैं. तकनीकि रूप से भरपूर चुनिंदा देशों की गिनती शुमार होकर भारत ने इतिहास रचा है.
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