दिल्ली उच्च न्यायालय में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, कुल संख्या बढ़कर 50 हुई
दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को सात नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली, जिससे न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या अब 50 हो गई है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उच्च न्यायालय…
दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को सात नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली, जिससे न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या अब 50 हो गई है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित एक समारोह में सभी नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन नियुक्तियों के बाद भी उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के 10 पद रिक्त हैं, क्योंकि स्वीकृत संख्या 60 है।
कौन हैं नए न्यायाधीश?
शपथ लेने वाले सभी सात न्यायाधीश पहले राजधानी की जिला न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। इनमें जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा और जस्टिस निशा सहाय सक्सेना को स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, जस्टिस संजय शर्मा, सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल रहे भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। पदोन्नति से पहले जस्टिस अरुण भारद्वाज दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर भी काम कर रहे थे।
नियुक्ति की प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को इन नियुक्तियों की घोषणा की थी। यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद की गई। कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई अपनी बैठक में दिल्ली उच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी, जिनमें से सात की नियुक्ति को केंद्र ने मंजूरी दी। शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के सभी मौजूदा न्यायाधीशों के अलावा वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, वकील और नवनियुक्त न्यायाधीशों के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
इनपुट: IANS



