दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर रेड डालने के लिए पहुंचा 90 अफसरों का दस्ता

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर 19 फरवरी को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मीटिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. जहां कोर्ट ने आप के दो विधायकों की ज़मानत रद्द कर दी है वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल के सलाहकार ने भी अपने पहले दिए गए बयान को खंडित करते हुए केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया है. लेकिन अब इस मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा एक और बड़ा क़दम उठाया गया है.

यूं हो गयी देर

शुक्रवार सुबह सीएम आवास पर पुलिस ने रेड डाली थी. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के घर पर होने वाले इस तलाशी अभियान के लिए दिल्ली के एडिश्नल डीसीपी (उत्तरी जिला) हरेंद्र सिंह ने गुरुवार शाम को आखिरी बार बैठक की थी. एडिश्नल डीसीपी ने तलाशी अभियान के लिए साढ़े 10 बजे का वक्त तय किया था, मगर शुक्रवार सुबह उनके नेतृत्व में पुलिस सवा घंटे देर से पहुंची. देरी का करान बताया गया कि जिस वक़्त पुलिस को आना था उस दौरान सीएम आवास के बाहर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था. इस वजह से ऐन मौके पर तलाशी अभियान का समय बदला गया.

अहम है सीसीटीवी फुटेज

सूत्रों के मुताबिक़, केजरीवाल का घर खंगालने के लिए एडीसीपी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के बीच में गुरुवार शाम को कई बार बातचीत भी हुई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया. दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर एडीसीपी हरेंद्र सिंह ने पटनायक को जांच में सीसीटीवी फुटेज की अहमियत बताई. एडीसीपी का कहना है कि केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन के बयान से इतर उन लोगों को सीसीटीवी फुटेज मिल सकती है, जो कि तकनीकी रूप से एक सबूत होगी.

90 अफसरों ने 2 कमरे खंगाले

बताया जा रहा है कि  23 फरवरी की सुबह एडीसीपी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को अपने प्लान में किए गए बदलाव के बारे में जानकारी दी. इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि डीटीसी कर्मचारियों का प्रदर्शन 11 बजे तक खत्म हो जाएगा. इस जानकारी के बाद एडीसीपी को एक सन्देश भेजा गया जिसमे उन्हें 11 बजे तक अपने दफ्तर पहुंचने के लिए कहा गया था. सूचना मिलने के 10 मिनट बाद एडीसीपी सिविल लाइंस पुलिस थाने गए, और दो बसों में तैनात पुलिस बल के साथ 11 बजकर 28 मिनट पर सीएम आवास के लिए रवाना हुए.

अचानक से इतनी बड़ी तादाद में पुलिस बल देखकर वहां तैनात सुरक्षाकर्मी अचंभे में पड़ गए. एडीसीपी हरेन्द्र सिंह के बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पहुंचने के बाद उन्होंने केयरटेकर को वहां पर रेड डालने के बारे में जानकारी दी. बकौल एडिश्नल डीसीपी, “सीएम आवास पर कुछ कर्मी दखल दे रहे थे. वे लीगल नोटिस के बारे में पूछ रहे थे. हमनें उन्हें हर दस्तावेज दिखाया और बताया कि हम सिर्फ सीसीटीवी कैमरों की जांच करने आए हैं. हमने सबसे पहले वेटिंग रूम में तलाशी ली. फिर मीटिंग रूम को खंगाला. हमने उसी से सटे बाथरूम की तलाशी भी ली.”

सीमित रहा रेड का दायरा

पुलिस ने का कहना है कि उन्होंने सिर्फ्ग घटनास्थल की तलाशी ली और ऊसके आगे नही बड़े. दिल्ली पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमने आगे किसी और कमरे में खोजबीन नहीं की. हमने अपनी जांच को सिर्फ 19 फरवरी वाली घटना को ध्यान में रखकर किया.”

सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस दौरान अपने परिवार के साथ एक दूसरे कमरे में थे, लेकिन वह पुलिस से मिलने नहीं आए. वे 12:19 मिनट पर अपने घर से निकल गए, मगर पुलिस इस दौरान उनका घर खंगालने में लगी रही. अधिकारियों ने इस रेड में घर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की सूची बनाई है.

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