पुरानी दिल्ली: इमारत ढहने से 2 की मौत, MCD ने दो इंजीनियरों को किया निलंबित
पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में गुरुवार सुबह एक चार मंजिला इमारत ढहने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद, नगर निगम (MCD) ने शुरुआती जांच में लापरवाही पाते हुए…
पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में गुरुवार सुबह एक चार मंजिला इमारत ढहने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद, नगर निगम (MCD) ने शुरुआती जांच में लापरवाही पाते हुए दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव और राहत कार्य जारी है क्योंकि मलबे में अभी भी एक या दो लोगों के फंसे होने की आशंका है।
यह हादसा अजमेरी गेट की गली शीश महल में सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। घनी आबादी वाले इस इलाके की गलियां इतनी संकरी हैं कि केवल तीन फीट चौड़े रास्ते से ही इमारत तक पहुंचा जा सकता था, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा आई। एमसीडी के लगभग 30 कर्मचारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं।
एमसीडी की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, इमारत के मालिक समीउल्लाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत भी सौंपी गई है। निगम ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
मरम्मत की आड़ में अवैध निर्माण
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मालिक ने मरम्मत कार्य की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर अवैध रूप से नया निर्माण कराया था। एमसीडी के अनुसार, तीसरी मंजिल की बीम की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई, जिसके कारण संभवतः पहले तीसरी मंजिल का हिस्सा गिरा और फिर पूरी इमारत ढह गई। यह निर्माण निगम के निर्देशों और भवन उपनियमों का उल्लंघन था।
एमसीडी ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को ही इमारत की जर्जर हालत को देखते हुए मालिक को नोटिस जारी किया गया था। इसमें इमारत को सुरक्षित बनाने और स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सुरक्षा प्रमाणपत्र जमा कराने को कहा गया था। इसके बावजूद, मालिक ने नियमों को ताक पर रखकर निर्माण जारी रखा। 15 जून 2026 को दिल्ली पुलिस ने भी निगम को यहां अवैध निर्माण की सूचना दी थी।
आसपास की इमारतों का सर्वे शुरू
इस हादसे के बाद, एमसीडी ने इलाके की आसपास की इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। मान्यता प्राप्त इंजीनियरों द्वारा यह सर्वे किया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर असुरक्षित व अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय कर्मचारियों को ऐसे भवनों की पहचान कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



