दारोगा की मांग- लड़की और पैसा दो वरना… जानें पूरा मामला

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gopendra singh
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खाकी वर्दी के नाम पर पुलिस दारोगा एक परिवार से अजीब-अजीब किस्म की मांग करके उन्हें परेशान कर रहा है। यह पुलिस महकमे की पोल खोलता है। पूरा मामला ताजातरीन है।

दरअसल, बिहार में मधेपुरा जिला से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जो सुशासन के तमाम दावों को धता बताते हुए सरकार और पुलिस महकमें की पोल खोलता है। दरअसल, यहां के चौसा थाना में तैनात एक दारोगा जी को लड़की, लूट की बाइक और पैसे भी चाहिए। जब दारोगा की मांग पूरी नहीं की गई तो एक परिवार पर 10 महीने में 5 केस ठोक दिए। अब यह पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

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बता दें कि चौसा थाना क्षेत्र के कलासन निवासी योगेन्द्र साह बीते 10 महीने से परेशान हैं। उनका आरोप है कि भूमि विवाद का एक मामला लेकर वह थाना क्या गए पुलिस तो मानो उनके पीछे ही पड़ गई। केस में मदद करने के नाम पर दारोगा गोपेंद्र सिंह की डिमांड बढ़ती चली गई। वो उनसे एक लाख रूपया, एक पिस्टल, एक लूटी बाइक और टाइम पास के लिए लड़की मांग रहा है।

आरोप ये लगाया जा रहा है कि दरोगा साहब की जब मांग पूरी नहीं हुई तो 6 महीने बाद से परिवार की उल्टी गिनती शुरू हो गई। अप्रैल से जून महीने के बीच परिवार पर 4 केस दर्ज करवा दिए गए। आरोप है कि केस में परिवार के सभी सदस्यों को फंसा दिया गया। एक 13 साल के नाबालिग बेटे को तो 19 वर्ष का बता कर केस में नाम दे दिया और उसे जेल भेज दिया। अब पूरा परिवार परेशान है और पुलिस के डर से और खुद के बचाव के सब इधर-उधर भाग रहा है। बताया जा रहा है कि योगेन्द्र साह से अपनी मांग पूरी करवाने के लिए दारोगा जी ने गांव के ही चन्द्रभूषण यादव नाम के एक व्यक्ति को पटाया किया, लेकिन, वो भी उसकी तीन मांग को पूरी नहीं करवा सके।

इस संबंध में जब मीडियाकर्मियों ने एसपी से बात करनी चाही तो उन्होंने ऑफ द रिकॉर्ड मीडियावालों पर ही एफआईआर की धमकी दे डाली। खबर प्रकाशित करने वाले एक अख़बार के संवाददाता को एक साथ 3 नोटिस थमा दिया गया। वहीं, मामले के सामने आने के बाद मधेपुरा से पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के मां, बाप अपनी बेटी, बहन को बचा लें यही काफी है। उन्होंने ऐसे दारोगा के जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

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