तूफान ‘फानी’ से सहम उठा ओड़िशा

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भारत के राज्य ओड़िशा तूफान की चपेट में आकर सहम गया है. ये च्रकवाती तूफान, जिसे ‘फानी’ नाम दिया गया है. इस तूफान ने ओडिशा के आसपास के इलाकों में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. बता दें कि फानी तूफान सुबह साढ़े नौ बजे जगन्नाथ पुरी के करीब दस्तक दी. फानी तूफान ने 8 से 10 बजे के करीब पुरी तट को पार किया . फानी तूफान की रफ्तार 175 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच की थी.

तूफान के प्रभाव को देखते हुुए ओड़िशा सरकार ने 11 लाख से भी अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया है और लगातार लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे आने वाले कुछ दिनों तक अपने घरों से बाहर न निकलें. साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज कर उनके लिए सुरक्षा के सारे इंतेजाम कर दिए है.

ओडिशा के भुवनेश्‍वर में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं. जिन्हे पुलिसकर्मी और एनडीआरएफ के कर्मचारी सड़को से हटाने में  जुटे हुए है. बता दें कि तटीय इलाकों से करीब 5 किलोमीटर दूर तक स्थानों को खाली करवा दिया गया है.

‘फानी’ तूफान का असर उत्तर प्रदेश और बिहार में भी देखने को मिल रहा है. पूर्वाचल के जिलों में मौसम खराब होने की वजह से चंदौली में चक्रवात से 4 लोगों के मरने की खबर है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. 1999 में हुए तीव्र च्रकवात के बाद तूफानी फानी अब तक का सबसे खतरनाक तूफान माना जा रहा है.

ओड़िशा भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक राज्य है. ओड़िशा में तीव्र चक्रवात आते रहते है और सबसे तीव्र चक्रवात 1 अक्टूबर 1999 को आया था जिसके कारण काफी लोगों को गंभीर नुकसान हुआ और लगभग 10,000 लोग मृत्यु के शिकार बन गये थे.