चाइना से हो रहे मेडिकल क्षेत्र में सायबर हमले, एम्स पर हुए सायबर अटैक के चलते 6 दिन तक करना पड़ा मैनुअली काम | medical news | Patrika News

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चाइना से हो रहे मेडिकल क्षेत्र में सायबर हमले, एम्स पर हुए सायबर अटैक के चलते 6 दिन तक करना पड़ा मैनुअली काम | medical news | Patrika News

भोपालPublished: Dec 14, 2022 01:09:10 am

डॉक्टर्स मीट में मेडिकल क्षेत्र में लगातार साइबर हमले, डॉक्टरों को दी गई साइबर हाइजीन की जानकारी

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भोपाल. वित्तीय क्षेत्र के बाद सबसे ज्यादा साइबर हमले मेडिकल क्षेत्र पर होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े सेक्टर में से एक मेडिकल है। हाल ही में एम्स दिल्ली पर हुए साइबर हमले के चलते छह दिनों तक काम मैनुअली किए गए। इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार ने सभी मेडिकल क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों, अधिकारियों व कर्मचारियों को साइबर हाइजीन यानी काम के वक्त सतर्कता से कंप्यूटर आपरेट करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसको लेकर डॉक्टर व मेडिकल क्षेत्र से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी के लिए एसओपी भी तैयार किया जा रहा है। यह जानकारी गांधी मेडिकल कॉलेज में भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशुतोष कुमार ने दी।
मंगलवार को बैंक की तरफ से डॉक्टर्स मीट का आयोजन किया गया। जिसमें जीएमसी के डीन डॉ अरविंद राय, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट डॉ राकेश मालविय सहित बैंक के महाप्रबंधक एसएस तड़ागी, उपप्रबंधक लोकेश चन्द्रा व अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान बैंक की टीम ने निजी व सरकारी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की बातें कहीं।
ज्यादातर हमले चाइना से होते हैं
आशुतोष कुमार ने बताया कि ज्यादातर मामले चाइना में बैठे हैकर्स अंजाम देते हैं। साथ ही यह तब तक संभव नहीं है, जब तक हम अपनी तरफ से गलती न करें। एम्स दिल्ली में दिल्ली एम्स के सर्वर हैक करने का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि साइबर हैकर्स ने अब आइसीएमआर की वेबसाइट पर हमला करना शुरू कर दिया है।
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने उठाया ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस का मुद्दा
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ राकेश मालवीय ने बताया कि मीट के दौरान उन्होंने ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में बैंक के अधिकारीगण से सवाल किए। जिस पर बैंक की तरफ से इस सिलसिले में एक अलग से बैठक करने की बात कही। बता दें ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस संगठन के तहत काम करने वाले लोगों के समूह को कवर करने वाला हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है।
इन बातों का रखें ध्यान
-मेल व एसएमएस के जरिए आने वाली किसी भी लिंक को बिना जानकारी न खोलें
-किसी भी साइट के यूआरएल से पर लगे लॉक के निशान को जरूर चेक करें, यह बताता है कि साइट सुरक्षित है
-लॉक का निशान दिखने पर उस पर क्लिक करें, इससे एक सर्टिफिकेट खुलेगा। इस सर्टिफिकेट में जानकारी सही है तो साइट वेरिफाइड है।
-सभी जगह एक ही पासवर्ड को न डालें, ऐसा करने से आप एक पासवर्ड के लीक होने से बचे रहेंगे।
– सरकारी अस्पतालों में एंटी वायरस व विंडो को अपडेटेड रखें
-काम के वक्त गैरजरूरी वेबसाइट नहीं खोलें

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