कांग्रेस पार्टी की मजबूत रणनीति, हर राज्य में अब इस तरह दर्ज करेगी अपनी मौजूदगी

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नई दिल्ली: लोकसभा इलेक्शन को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी काफी जोर-शोर से शुरू कर दी है. कांग्रेस कोर ग्रुप की पहली मीटिंग में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से भाजपा पार्टी को बाहर करने की पुख्ता रणनीति बनाई है. राहुल ने इस दौरान तमाम बड़े नेताओं को अलग-अलग राज्‍यों में गठबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है.

एक नेता एक पार्टी से वार्ता करेगा और एके एंटोनी को सूचित करेगा

इस मीटिंग में तय किया गया है कि एक नेता एक पार्टी से वार्ता करेगा और एके एंटोनी को सूचित करेगा. बता दें कि एके एंटोनी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य विशेष के इन गठबंधन संबंधी चर्चाओं की समीक्षा करेंगे और राहुल गांधी को ब्रीफ करेंगे. इस बैठक में लोकसभा चुनावों के अलावा, राफेल, नोटबंदी, गठबंधन सहित तमाम मामलों में चर्चा भी की गई थी. राफेल और नोटबंदी जैसे मामले को लेकर सदन में काफी बार उठाए गए इस मुद्दे पर भी रणनीति बनी गई.

राहुल आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होकर किसी भी तरह के विवाद में न पड़े- वरिष्‍ठ नेताओं

ये ही नहीं चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के बड़े नेताओं ने राहुल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम ‘फ्यूचर ऑफ भारत’ के न्योता पर हिदायत देते हुए न जाने की सलाह दी है. ऐसा कहना के पीछे का कारण है कि राहुल आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होकर किसी भी तरह के विवाद में न पड़े.

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आरएसएस का कार्यक्रम तीन दिनों तक दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा

बता दें कि आरएसएस का कार्यक्रम तीन दिनों तक दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा. सोनिया गांधी ने भी 2007 में संघ के न्योत को स्वीकार नहीं किया था. जानकारी के अनुसार, आरएसएस दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 से 19 सिंतबर के बीच ‘फ्यूचर ऑफ भारत’ का कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस सहित देश की तमाम पार्टियों को निमंत्रण भेजा गया है.