पीलीभीत: कांग्रेस का 13,000 वोटरों के डेटा में छेड़छाड़ का आरोप, चुनाव आयोग से की शिकायत
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 13,000 से अधिक मतदाताओं के वोटर डेटा में छेड़छाड़ का गंभीर आरोप सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि इन वोटरों के एपिक (EPIC) नंबर से जुड़े विवरण, विशेषकर…
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 13,000 से अधिक मतदाताओं के वोटर डेटा में छेड़छाड़ का गंभीर आरोप सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि इन वोटरों के एपिक (EPIC) नंबर से जुड़े विवरण, विशेषकर टेलीफोन नंबर, बदल दिए गए हैं। पार्टी ने इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष उठाया है और जिला स्तर पर मतदाता सूचियों के सत्यापन की बात कही है।
यह मुद्दा 'इंडी' गठबंधन की एक बैठक के दौरान भी उठाया गया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे लोकतंत्र को खत्म करने की एक सुनियोजित कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई गलती नहीं हो सकती, बल्कि सबूतों पर आधारित एक गंभीर मामला है।
सबूतों के साथ आरोप
इमरान मसूद ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा, "हम आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि सबूत पेश कर रहे हैं। आप आरोपों की बात कर रहे हैं, आरोपों से तो इनकार किया जा सकता है लेकिन इसे आप कैसे झुठलाएंगे? हम दस्तावेजी सबूत दे रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जब 13,000 वोटों का मामला हो, तो इसे महज़ एक गलती नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने बताया कि इस गड़बड़ी का पता संयोग से चला, जब एक व्यक्ति अपना वोट जांच रहा था और उसी एपिक नंबर पर उसे यह बदलाव दिखा। इसके बाद पार्टी की टीम ने चार-पांच दिनों तक गहन जांच की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मसूद के अनुसार, "13,000 मतदाताओं के एपिक नंबरों के साथ जुड़े उनके टेलीफोन नंबर बदल दिए गए थे। यह पूरा काम एक जगह से (सेंट्रलाइज्ड तरीके से) किया जा रहा है।"
चुनाव आयोग को दी जानकारी
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने भी इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "जिस तरह से पीलीभीत का प्रकरण सामने आया है, जिसमें 13 हजार से ज्यादा नाम 10 अप्रैल की एसआईआर की फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद बदले गए, उनके एपिक नंबर सेम थे और उस एपिक नंबर पर नाम और पिता का नाम बदलकर, जो ऑनलाइन उनको दिखा रहा है, वो इस तरह की धांधली सामने आई थी।"
मिश्रा ने बताया कि पार्टी ने अपनी टीम के माध्यम से इन तथ्यों का सत्यापन किया और उन्हें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अब हर जिले में मतदाता सूचियों का सत्यापन कराएगी।
इनपुट: IANS



