जामिया विवाद पर कांग्रेस नेता उदित राज की प्रतिक्रिया, शरजील इमाम की ज़मानत का किया समर्थन
कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखे गए 'फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम' जैसे नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए शरजील इमाम की ज़मानत का समर्थन किया…
कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखे गए 'फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम' जैसे नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए शरजील इमाम की ज़मानत का समर्थन किया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने न्यायपालिका पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह न्याय नहीं दे रही है।
उदित राज ने शरजील इमाम को ज़मानत न मिलने को गलत बताया और आरोप लगाया कि ऐसा एक विशेष समुदाय से होने के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा, "शरजील इमाम को जमानत मिलनी चाहिए। जमानत देने से इनकार करना गलत बात है।" उन्होंने आगे कहा, "दुर्भाग्य है कि न्यायपालिका भी न्याय नहीं दे रही है।"
जांच और कुलपति की ज़िम्मेदारी
विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों के मामले में कांग्रेस नेता ने उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, "जांच होनी चाहिए। सरकार को जांच करना चाहिए कि किसने लिखा है। आईबी से जांच कराई जानी चाहिए। एनआईए भी जांच कर सकती है।" इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति की भूमिका पर भी सवाल उठाए और उनकी ज़िम्मेदारी तय करने की बात कही। राज के अनुसार, "वाइस चांसलर भी आरएसएस-भाजपा समर्थक हैं। वाइस चांसलर की जिम्मेदारी तय हो।"
न्यायपालिका और अन्य मुद्दों पर टिप्पणी
उदित राज ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर सरकार का दबाव है और जब तक अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) लागू नहीं होती, तब तक न्याय मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कॉलेजियम प्रणाली को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तय करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने केरल के राज्यपाल द्वारा राजभवन में कथित तौर पर 'सिर्फ शाकाहारी रसोई' का आदेश देने और आईटीबीपी प्रमुख के चीन संबंधी बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की 80 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी मांसाहारी है और उन पर अपनी इच्छा थोपना गलत है।
इनपुट: IANS



