कांग्रेस के नेता उतरे बगावत पर

0
25000
25000

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, ‘मुझको उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी को गुडबाय कहने का दिन अभी नहीं आया है. हालांकि कांग्रेस आलाकमान मेरे साथ जिस तरह का बर्ताव कर रहा है, उससे नहीं लगता है कि कांग्रेस में ज्यादा दिन तक रहूंगा.’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘ऐसा लगता है कि अब कांग्रेस पार्टी मेरी सेवा नहीं चाहती है. मैंने विधानसभा चुनाव के लिए मुंबई में सिर्फ एक सीट मांगी थी, वो भी नहीं दी गई है. हालांकि मैंने कांग्रेस आलाकमान को पहले ही बता दिया था कि ऐसी स्थिति में मैं कांग्रेस पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करूंगा. यह मेरा आखिरी फैसला है.’

इस बगावत की शुरूआत तब हुई जब जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 51 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की गई है. इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम भी शामिल है. कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा नामों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है.

इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता एकनाथ गायकवाड़ की बेटी और धारावी की मौजूदा विधायक वर्षा एकनाथ गायकवाड़ को भी टिकट दिया है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर है. इसके बाद 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे.

कांग्रेस की पहली लिस्ट के मुताबिक भोकर से चव्हाण, संगमनेर से विजय उर्फ बालासाहेब थोरात, नागपुर उत्तर से नितिन राउत और लातूर शहर सीट से अमित विलासराव देशमुख चुनाव लड़ेंगे. अमित पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख के बेटे हैं.

यह भी पढ़ें : शीना बोरा केस की आरोपी इंद्राणी मुख़र्जी का उनके पति के साथ हुआ तलाक


पत्रकारिता से राजनीती तक का सफर तय करने वाले संजय निरुपम महाराष्ट्र कांग्रेस का जाना-माना चेहरा हैं । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले टिकट बंटवारे को लेकर कांगेस पर आग बबूला हो रहे है। संजय निरुपम ने साल 2005 में शिवसेना छोड़कर कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन कर ली थी. कांग्रेस में आने के बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव बनाया गया. वहीं, 2009 में संजय निरुपम मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से सांसद बनकर संसद भी पहुंचे।