कांग्रेस के राजघाट मार्च पर भाजपा का पलटवार, कहा- 'यह हार से पहले बहाना ढूंढने की रणनीति'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए एक विरोध मार्च पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने इस प्रदर्शन को 'राजनीतिक…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए एक विरोध मार्च पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने इस प्रदर्शन को 'राजनीतिक ड्रामा' बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की ओर से आगामी चुनावों में हार से पहले ही बहाने ढूंढने की एक रणनीति है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर किया गया था, जिसके तहत कांग्रेस सांसदों ने कनॉट प्लेस में दोपहर के भोजन के बाद राजघाट तक मार्च निकाला।
'स्ट्रीट फाइटर बनने की सनक'
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, "इनकी जो स्ट्रीट फसाद से स्ट्रीट फाइटर बनने की सनक है, वह फटाफट गड़बड़ी और खटाखट हड़बड़ी के रूप में दिख रही है।" उन्होंने आगे कहा कि यह प्रतिस्पर्धा कांग्रेस को कोई फायदा नहीं पहुंचाएगी, बल्कि "इनका बंटाधार करेगी।" नकवी ने कहा कि जब "अक्ल में लठ हो और अकड़ में लंपट जैसी बातें हों," तो ऐसा ही व्यवहार देखने को मिलता है।
नकवी ने विरोध प्रदर्शनों को लोकतंत्र का हिस्सा बताया लेकिन कांग्रेस पर सत्ता की सनक में संवैधानिक व्यवस्था को बंधक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस कार्यक्रम को 'स्टेज शो' के बाद 'स्ट्रीट शो' की संज्ञा दी।
संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने भी कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बिहार में एसआईआर को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा, "सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने स्पष्ट कहा है कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। आप संवैधानिक प्रक्रिया और संविधान के विरुद्ध जा रहे हैं।"
गुरु प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस पांच राज्यों में होने वाले चुनावों से पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल रही है और अब विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा, "फिर चुनाव हारेंगे तो चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगेंगे। यह हार से पहले ही बहाना ढूंढने की रणनीति है।"
इनपुट: IANS



