Commonwealth Games 2022: मीराबाई चानू का गोल्ड है पक्का, भारतीय वेटलिफ्टर मचाएंगे धमाल

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Commonwealth Games 2022: मीराबाई चानू का गोल्ड है पक्का, भारतीय वेटलिफ्टर मचाएंगे धमाल

बर्मिंघम में इसी महीने शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से मेडल की सबसे अधिक उम्मीदें होंगी। भारत की तरफ से इस खेल में 15 सदस्यीय वेटलिफ्टरों का दल बर्मिंघम जा रहा है। हालांकि इस बार नए नियम के तरत भार वर्ग में कुछ बदलाव किए गए हैं लेकिन भारत को इसका फायदा नहीं मिल सका। हालांकि इसके बावजूद कॉमनवेल्थ गेम्स हों या कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप इन दोनों ही प्रतियोगिताओं में भारतीय वेटलिफ्टरों का दबदबा रहा है।

भारत 1990, 2002 और 2018 में वेटलिफ्टिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला देश रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस खेल में भारत 125 पदक के साथ दूसरा सबसे सफल देश है। इन खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में उससे अधिक पदक सिर्फ ऑस्ट्रेलिया (159) ने जीते हैं। पिछले कुछ टूर्नामेंट में हालांकि ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कम हुआ है। गोल्ड कोस्ट में 2018 में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के वेटलिफ्टरों का दबदबा रहा जिन्होंने पांच गोल्ड सहित नौ पदक जीते। इस साल भी सभी 15 वेटलिफ्टर पदक जीतने में सक्षम हैं। इनमें से हालांकि कुछ से ही गोल्ड पदक की उम्मीद है।

मीराबाई चानू से है गोल्ड मेडल की उम्मीद

महिला स्पर्धा में भारत के अधिक गोल्ड मेडल जीतने की संभावना के लिए भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएलएफ) और मुख्य कोच विजय शर्मा ने तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता चानू को 55 किग्रा भार वर्ग में उतारने की योजना बनाई थी। चानू का कॉमनवेल्थ खेलों में पदक पक्का माना जा रहा है। झिली डालबेहड़ा और एस बिंदियारानी देवी को क्रमश: 49 किग्रा और 59 किग्रा वर्ग में जबकि पोपी हजारिका को 64 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेना था।

इनकी प्रविष्टियों को हालांकि नए नियम के आधार पर खारिज कर दिया गया जिसके अनुसार किसी वर्ग में सिर्फ शीर्ष रैंकिंग वाला वेटलिफ्टिंग ही कॉमनवेल्थ खेलों के लिए क्वालीफाई करेगा। अगर वह हटता है तो अगले सर्वश्रेष्ठ वेटलिफ्टिंग को उसकी जगह नहीं दी जाएगी।

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इस नियम के कारण चानू (49 किग्रा), बिंदियारानी (55 किग्रा) और पोपी (59 किग्रा) को एक भार वर्ग नीचे चुनौती पेश करनी पड़ेगी जबकि झिली कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी और 64 किग्रा वर्ग में भारत का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा।

अपने ही विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने पर होगी चानू की नजर

इसमें कोई संदेह नहीं कि इन खेलों में सभी की नजरें चानू पर टिकी होंगी। पूर्व विश्व चैंपियन चानू का महिला 49 किग्रा वर्ग में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 207 किग्रा (88 किग्रा और 119 किग्रा) जो कॉमनवेल्थ खेलों में इस वर्ग में प्रतिस्पर्धा पेश करने वाली दूसरी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी से 39 किग्रा अधिक है।

तीसरा कॉमनवेल्थ पदक जीतने के लिए चानू को सिर्फ दो वैध भार उठाने होंगे, एक स्नैच में और एक क्लीन एवं जर्क में। चानू की निकटतम प्रतिद्वंद्वी नाइजीरिया की स्टेला किंग्सले का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सिर्फ 168 किग्रा (72 किग्रा और 96 किग्रा) है।

कॉमनवेल्थ खेलों में पहले ही एक गोल्ड और एक रजत पदक जीत चुकी चानू की नजरें हालांकि क्लीन एवं जर्क में 119 किग्रा के अपने विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने और स्नैच में 90 किग्रा वजन के आंकड़े को छूने पर टिकी होंगी। अन्य भारतीय वेटलिफ्टिंगों को हालांकि नाईजीरिया और मलेशिया के वेटलिफ्टिंगों से क्रमश: महिला और पुरुष वर्ग में कड़ी चुनौती मिलेगी।

जेरेमी लालरिनुंगा भी ला सकते हैं पदक

युवा ओलंपिक के गोल्ड पदक विजेता जेरेमी लालरिनुंगा (67 किग्रा) की डेब्यू करते हुए गोल्ड पदक जीतने की संभावनाओं में इजाफा हुआ है क्योंकि इस वर्ग में खिताब के प्रबल दावेदार पाकिस्तान के ताल्हा तालिब प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद निलंबित हैं। पदक के दो अन्य दावेदार डेब्यू कर रहे अचिंता श्युली (73 किग्रा) और अजय सिंह (81 किग्रा) हैं। दोनों ने दिसंबर में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।

जूनियर विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अचिंता का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 316 किग्रा (143 किग्रा और 173 किग्रा) है और उन्हें मलेशिया के एरी हिदायत को पछाड़ना होगा जिन्होंने भारतीय खिलाड़ी के बराबर वजन उठाया है।

दूसरी तरफ अजय के पास ऑस्ट्रेलिया के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी काइल जॉन रेयान क्रिस्टोफर पार्क ब्रूस को पछाड़ने का अच्छा मौका होगा जिनसे उन्होंने छह किग्रा अधिक वजन उठाया है। चानू के अलावा भारतीय दल में पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल विजेता पी गुरुराज (61 किग्रा), अनुभवी विकास ठाकुर (96 किग्रा) और पूनम यादव (76 किग्रा) भी शामिल हैं।

भारत पहली बार पूर्णिमा पांडेय (87 किग्रा से अधिक) और गुरदीप सिंह (109 किग्रा से अधिक) के रूप में शीर्ष भार वर्ग में खिलाड़ियों को उतारेगा। कॉमनवेल्थ खेल भारतीय वेटलिफ्टिंगों के लिए पदक जीतने का संभवत: सबसे आसान मंच हैं और देखना यह होगा कि भारत कितने पदक के साथ वापस लौटता है।

टीम इस प्रकार है:

महिला: मीराबाई चानू (49 किग्रा), बिंदियारानी देवी (55 किग्रा), पोपी हजारिका (59 किग्रा), हरजिंदर कौर (71 किग्रा), पूनम यादव (76 किग्रा), ऊषा कुमारी (87 किग्रा) और पूर्णिमा पांडे (+87 किग्रा)।

पुरुष: संकेत सागर (55 किग्रा), गुरुराज पुजारी (61 किग्रा), जेरेमी लालरिनुंगा (67 किग्रा), अचिंता श्युली (73 किग्रा), अजय सिंह (81 किग्रा), विकास ठाकुर (96 किग्रा), लवप्रीत सिंह (109 किग्रा), गुरदीप सिंह (+109 किग्रा)



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