गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक ने केंद्र से सूखा राहत और बेंगलुरु के विकास के लिए माँगा विशेष पैकेज, सीएम शिवकुमार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें रखी हैं। इनमें बेंगलुरु के बुनियादी ढाँचे के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज, लंबि…

कर्नाटक ने केंद्र से सूखा राहत और बेंगलुरु के विकास के लिए माँगा विशेष पैकेज, सीएम शिवकुमार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें रखी हैं। इनमें बेंगलुरु के बुनियादी ढाँचे के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज, लंबित सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्र मंज़ूरी और सूखे से निपटने के लिए तत्काल राहत कोष जारी करना शामिल है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पत्र प्रधानमंत्री के 31 अक्टूबर के उस पत्र के जवाब में भेजा गया था, जिसमें उन्होंने 'कन्नड़ राज्योत्सव' पर कर्नाटक को बधाई दी थी।

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सीएम शिवकुमार ने अपने पत्र में राज्य की गंभीर सूखे की स्थिति पर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक आकलन के बाद राज्य के 240 में से 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून में सामान्य 852 मिमी की तुलना में केवल 551 मिमी बारिश हुई, जो 35 प्रतिशत की कमी है। यह पिछले 70 वर्षों में 1956 के बाद दूसरी सबसे कम बारिश है। इस स्थिति के चलते लगभग 11.97 लाख हेक्टेयर भूमि पर बुआई नहीं हो सकी। राज्य सरकार ने अपनी ओर से किसानों को 2,500 रुपये प्रति किसान दिए हैं और केंद्र से अंतरिम राहत के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है।

बेंगलुरु के लिए विशेष सहायता

बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु के सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर पड़ रहे भारी दबाव का उल्लेख किया। उन्होंने 'नम्मा मेट्रो' की पिंक लाइन के उद्घाटन के लिए पीएम मोदी के प्रस्तावित कर्नाटक दौरे का स्वागत करते हुए शहर के विकास के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की। यातायात की समस्या को कम करने के लिए उन्होंने रक्षा विभाग की ज़मीन उचित मूल्य पर हासिल करने में भी केंद्र से मदद का अनुरोध किया।

सिंचाई और पेयजल परियोजनाएँ

शिवकुमार ने कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। इनमें मेकेदातु, कलसा-बंदूरी, ऊपरी भद्रा, ऊपरी कृष्णा और येत्तिनाहोले परियोजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मेकेदातु परियोजना दक्षिणी कर्नाटक की पेयजल ज़रूरतों के लिए महत्वपूर्ण है और इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि तमिलनाडु को उसका उचित हिस्सा मिले। उन्होंने 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (पीएमकेएसवाई) के तहत भेजे गए प्रस्तावों के लिए भी समर्थन मांगा। 'जल जीवन मिशन' पर उन्होंने बताया कि राज्य ने 90.61 लाख घरों तक नल से पानी पहुँचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है और लंबित फंड को तत्काल जारी करने की मांग की।

किसानों की माँगें और अन्य अनुरोध

मुख्यमंत्री ने सूखे की स्थिति और गन्ना किसानों की मांगों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से कर्नाटक के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक का अनुरोध दोहराया। इन मांगों में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में संशोधन, उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) के लिए आधार रिकवरी दर को वापस 9.5 प्रतिशत पर लाना और इथेनॉल की कीमतों में संशोधन शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने बेंगलुरु में देश के पहले AI विश्वविद्यालय और रायचूर में एम्स की स्थापना के लिए भी केंद्र से सहयोग माँगा। पत्र के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं, बल्कि केंद्र से अपना उचित हिस्सा और निष्पक्ष व्यवहार चाहता है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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