CM गहलोत को संवेदनाएं व्यक्त करने वाला ट्वीट पड़ा भारी, लगा तुष्टीकरण का आरोप,मिला BJP घेराबंदी का मौका

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CM गहलोत को संवेदनाएं व्यक्त करने वाला ट्वीट पड़ा भारी, लगा तुष्टीकरण का आरोप,मिला BJP घेराबंदी का मौका

जयपुर: राजस्थान में पिछले दिनों तालाब में डूबने की कई घटनाएं हुई। इनमें से रविवार 31 जुलाई को हुई दो घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया था। मुख्यमंत्री के दोनों ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। पहली घटना में पांच मृतकों के प्रति मुख्यमंत्री की ओर से केवल संवेदनाएं व्यक्त की गई थी जबकि दूसरी घटना में संवेदना व्यक्त करने के साथ दो मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के तहत 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की गई। चूंकि पहली घटना में हिन्दू समुदाय के पांच बच्चों की मौत हुई थी और दूसरी घटना में मुस्लिम समुदाय के दो युवकों की मृत्यु हुई थी। इसलिए भाजपा ने मुख्यमंत्री पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि मृतक हिन्दू बच्चों के प्रति केवल संवेदना और मुस्लिम मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा। यह तुष्टीकरण नहीं तो और क्या है।

रविवार को प्रदेश में हुए थे दोनों हादसे, CM ने व्यक्त की थी संवेदना
रविवार 31 जुलाई को श्रीगंगानगर में रामसिंहपुर गांव के खेत में बनी डिग्गी में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई थी। पांचों बच्चों की उम्र 10 से 13 साल के बीच थी। इनमें भावना, अंकित, निशा, राधे और अंशु शामिल थे। ये पाचों बच्चे मजदूर परिवार के थे। इस हादसे पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए संवेदना व्यक्त की थी।

दो ट्वीट पर हुआ विवाद
रविवार को ही जोधपुर जिले के फलोदी स्थित बेंगटी कलां गांव में तालाब किनारे सेल्फी लेते समय दो युवक तालाब में गिर गए। इस हादसे में 21 वर्षीय रहमततुला और 20 वर्षीय अकरम की मौत हो गई। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए संवेदना जताई और चिरंजीवी योजना के तहत मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया। इन्हीं दो ट्वीट पर विवाद हो गया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। हिन्दू परिवार के बच्चों की मृत्यु पर केवल संवेदना और मुस्लिम परिवार के दो युवकों की मृत्यु पर संवेदना के साथ मुआवजे का ऐलान किया गया। ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

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बीजेपी ने राष्ट्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर साधा निशाना
भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने मुख्यमंत्री के दोनों ट्वीट का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा कि राजस्थान में एक ही दिन में दो दुखद घटनाएं हुई। इन घटनाओं में मुख्यमंत्री ने धर्म देखकर मुआवजा दिया। यह कांग्रेस का सेक्युलरिज्म है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर सुरेन्द्र पूनिया ने भी अशोक गहलोत पर सियासी हमला किया।
इधर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट किया कि एक ही दिन, एक ही राज्य में दो घटनाएं। कांग्रेस का डीएनए देखना हो तो मुख्यमंत्री के दोनों ट्वीट को देखें। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी ट्वीट करके लिखा कि दो अलग अलग घटनाओं पर किए गए ये ट्वीट अगर सत्य है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और पराकाष्टा भी है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, प्रवक्ता रामलाल शर्मा, लक्ष्मीकांत भारद्वाज सहित कई नेताओं ने अशोक गहलोत पर तुष्टीकरण के आरोप लगाए।

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मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने दिए बीजेपी नेताओं को जवाब
भाजपा नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सियासी हमले का जवाब लोकेश शर्मा ने दिया। सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने बीजेपी नेताओं पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि श्रीगंगानगर में जिन 5 बच्चों की मृत्यु हुई है। उनमें से 3 बच्चों के परिजनों को भी चिरंजीवी योजना के तहत 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। जोधपुर में हुई इसी प्रकार की घटना से इसे असंवेदनशील रूप से जोड़कर प्रचारित करना गलत है।
रिपोर्ट : रामस्वरूप लामरोड़

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