चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दावों को नकारा, कहा — CEC एकतरफा फैसले नहीं ले रहे
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) द्वारा एकतरफा फैसले लिए जाने के आरोपों को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सिरे से खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसके सभी…
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) द्वारा एकतरफा फैसले लिए जाने के आरोपों को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सिरे से खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसके सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। यह हलफनामा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की उन याचिकाओं के जवाब में दायर किया गया है, जिनमें आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ यह हलफनामा दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि याचिकाएं केवल एक खबर पर आधारित हैं, जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया गया था, जो कि गलत है।
सर्वसम्मति से हुए सभी फैसले
आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े तीन विशिष्ट आदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी सर्वसम्मति से लिए गए फैसले थे। हलफनामे में जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी हुए इन आदेशों को आयोग का संयुक्त निर्णय बताया गया है।
ECI ने अपनी निर्णय प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया। हलफनामे के मुताबिक, कोई भी फाइल पहले एक चुनाव आयुक्त के पास, फिर दूसरे के पास और अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त के पास जाती है। इस प्रक्रिया में लिखे गए नोट या सवाल अंतिम फैसला नहीं होते।
फॉर्म 6 और अन्य आदेशों पर स्पष्टीकरण
हलफनामे में 28 जुलाई के एक आदेश का भी उल्लेख है, जिसे एक अतिरिक्त सचिव ने जारी किया था। बताया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा अगले दिन कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने के बाद, 30 जुलाई को उनके संयुक्त निर्देश पर उस आदेश को लागू नहीं किया गया। आयोग ने यह भी साफ किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, क्योंकि इसे बदलने का अधिकार केवल सरकार के पास है। आयोग के अनुसार, 21 अक्टूबर से ऑनलाइन फॉर्म दो भागों में बंटेगा — फॉर्म 6 और एक अलग घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन)।
इनपुट: IANS



