चीन: कम्युनिस्ट पार्टी का अहम सत्र संपन्न, भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार और नए विकास लक्ष्यों पर जोर
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) ने देश के भविष्य की दिशा तय करने वाले एक महत्वपूर्ण पूर्ण सत्र का आयोजन किया है। 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक पेइचिंग में हुई इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु पार्टी…
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) ने देश के भविष्य की दिशा तय करने वाले एक महत्वपूर्ण पूर्ण सत्र का आयोजन किया है। 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक पेइचिंग में हुई इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु पार्टी के भीतर अनुशासन को और सख्त करना और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को तेज करना रहा। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस अधिवेशन में चीन के आर्थिक और सामाजिक विकास की भावी रणनीति पर भी गहन मंथन हुआ।
20वीं केंद्रीय समिति के इस पांचवें पूर्ण सत्र में पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया और पोलित ब्यूरो की ओर से कार्य रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि चीन की तरक्की को सिर्फ उसकी आर्थिक वृद्धि या तकनीकी प्रगति से नहीं आंका जा सकता, बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि देश में नीतियां कैसे बनती हैं और शासन व्यवस्था अपनी कमियों को कैसे दूर करती है।
पार्टी में अनुशासन और भ्रष्टाचार पर लगाम
इस सत्र का एक प्रमुख संदेश यह था कि किसी भी बड़े राजनीतिक संगठन को लंबे समय तक मजबूत बने रहने के लिए अनुशासन, जवाबदेही और आत्म-सुधार बेहद जरूरी हैं। बैठक में पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक ढिलाई और अनुशासनहीनता जैसी चुनौतियों से सख्ती से निपटने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीति को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके तहत ऐसी व्यवस्था बनाने का लक्ष्य है जिसमें कोई भ्रष्टाचार करने का साहस न करे, भ्रष्टाचार करने में असमर्थ हो और भ्रष्टाचार करने की इच्छा ही न रखे। इसका मकसद सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी संस्थागत प्रणाली बनाना है जो भ्रष्टाचार की संभावनाओं को ही खत्म कर दे।
आर्थिक विकास और भविष्य की योजनाएं
यह बैठक चीन के आर्थिक भविष्य के लिए भी काफी अहम रही। इसमें 14वीं पंचवर्षीय योजना के सफल समापन और 15वीं पंचवर्षीय योजना की एक मजबूत शुरुआत के लिए प्रयासों को तेज करने का आह्वान किया गया। आर्थिक विकास की गुणवत्ता बढ़ाने, घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने और आर्थिक सुधारों को गहरा करने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई।
सत्र के दौरान अधिकारियों के चयन, प्रशिक्षण और निगरानी की प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने पर भी चर्चा हुई। नेतृत्व का जोर एक ऐसी टीम तैयार करने पर है जो राजनीतिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ प्रशासनिक रूप से भी कुशल हो। बैठक में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रोजगार, खाद्य सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे जनकल्याण के कार्यों को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।
इनपुट: IANS



