IMF का आकलन: चीन की आर्थिक ताकत एशिया-प्रशांत और वैश्विक विकास की धुरी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चीन को एशिया-प्रशांत क्षेत्र और पूरी दुनिया की आर्थिक वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया है। आईएमएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था इतनी…
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चीन को एशिया-प्रशांत क्षेत्र और पूरी दुनिया की आर्थिक वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया है। आईएमएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था इतनी विशाल है कि उसकी वृद्धि दर में होने वाला छोटा-सा बदलाव भी पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह टिप्पणी थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित आईएमएफ और विश्व बैंक समूह के 2026 के वार्षिक शरदकालीन सम्मेलन के दौरान सामने आई।
आईएमएफ के एशिया-प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक साक्षात्कार में इन तथ्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईएमएफ के पुराने अध्ययनों से यह पता चलता है कि यदि चीन की आर्थिक वृद्धि दर में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो इस क्षेत्र की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर पर लगभग 0.3 प्रतिशत का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। श्रीनिवासन ने इस बात पर जोर दिया कि चीन के बिना एशिया की अर्थव्यवस्था और उसके विकास पर चर्चा अधूरी है।
एशिया-प्रशांत के लिए बेहतर पूर्वानुमान
श्रीनिवासन ने यह भी बताया कि आईएमएफ ने हाल ही में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपने आर्थिक विकास के अनुमान को 4.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने इस सकारात्मक बदलाव के पीछे तीन प्रमुख कारण गिनाए:
- ऊर्जा संकट से उबरना: विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं ने ऊर्जा संकट की चुनौतियों का सामना किया और समय के साथ खुद को उसके अनुरूप ढाल लिया है।
- AI का बढ़ता प्रभाव: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में हो रहे तेज विकास का असर विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है, जिसे नए अनुमान में शामिल किया गया है।
- व्यापार का लचीलापन: टैरिफ और अन्य बाधाओं के बावजूद वैश्विक व्यापार ने आशंकाओं के विपरीत काफी लचीलापन दिखाया है।
आंकड़ों में चीन का महत्व
कृष्णा श्रीनिवासन ने चीन के आर्थिक प्रभाव को आंकड़ों के जरिए भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि चीन न केवल एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, बल्कि इस क्षेत्र के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उसकी हिस्सेदारी आधे से भी ज़्यादा है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान लगभग एक-तिहाई है, जो दुनिया भर में उसके महत्व को दर्शाता है। यह सम्मेलन 12 से 18 अक्टूबर के बीच आयोजित किया गया था।
इनपुट: IANS



