चीन के ग्रीन सर्टिफिकेट अब हांगकांग में, 10 करोड़ यूनिट बिजली के बराबर हुआ पहला बड़ा सौदा
चीन के हरित बिजली प्रमाणपत्रों (Green Electricity Certificates - GEC) ने पहली बार बड़े पैमाने पर हांगकांग के बाज़ार में अपनी जगह बनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 14 अक्टूबर को…
चीन के हरित बिजली प्रमाणपत्रों (Green Electricity Certificates - GEC) ने पहली बार बड़े पैमाने पर हांगकांग के बाज़ार में अपनी जगह बनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 14 अक्टूबर को क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में हुए एक ऐतिहासिक सौदे में लगभग एक लाख ग्रीन सर्टिफिकेट्स का सीमा पार कारोबार किया गया। यह सौदा करीब 10 करोड़ किलोवाट-घंटे (kWh) नवीकरणीय ऊर्जा से बनी बिजली के बराबर है।
इस कदम को चीन के हरित प्रमाणपत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने और क्वांगतोंग-हांगकांग-मकाऊ महाखाड़ी क्षेत्र में हरित ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे चीन की मुख्य भूमि के ग्रीन सर्टिफिकेट बाज़ार और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय हरित वित्तीय बाज़ार के बीच एक सीधा संपर्क स्थापित हो गया है।
लेन-देन की नई व्यवस्था और खरीदार
इस कारोबार के लिए पहली बार 'डबल एजेंट' मॉडल का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया के तहत, चीन की छह नई ऊर्जा उत्पादक कंपनियों ने शेनचन हरित बिजली एवं हरित प्रमाणपत्र सेवा केंद्र के माध्यम से हांगकांग के खरीदारों से संपर्क साधा। ये खरीदार हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड के 'कोर क्लाइमेट' प्लेटफॉर्म से जुड़े थे। इसके बाद, क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र के जरिए सीमा पार सामूहिक लेन-देन को अंतिम रूप दिया गया।
इस पहले बड़े सौदे में हांगकांग की नौ संस्थाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें सार्वजनिक सेवा, बैंकिंग, वित्त, रियल एस्टेट, संपत्ति प्रबंधन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के खरीदार शामिल थे।
भविष्य में सहयोग की राह
यह नई व्यवस्था हांगकांग और मकाऊ में पहले से चली आ रही छोटी और अलग-अलग खरीद की प्रक्रिया से एक बड़ा बदलाव है। अब सामूहिक कारोबार से सीमा पार लेन-देन अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और आसानी से ट्रैक करने योग्य हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे दोनों बाजारों के बीच संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा, बाजार संपर्क बढ़ेगा और कीमतों को आपसी मान्यता मिलेगी।
इसी दिन क्वांगचो बिजली व्यापार केंद्र और हांगकांग एक्सचेंज के बीच भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक व्यापक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
इनपुट: IANS



