चीन-उत्तर कोरिया संबंध: यालू नदी पर नया पुल यातायात के लिए खुला, द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी नई राह
चीन और उत्तर कोरिया (DPRK) के बीच संबंधों को मजबूत करने वाली एक अहम बुनियादी ढांचा परियोजना पूरी हो गई है। दोनों देशों को जोड़ने वाली यालू नदी पर बना एक नया पुल गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यातायात के…
चीन और उत्तर कोरिया (DPRK) के बीच संबंधों को मजबूत करने वाली एक अहम बुनियादी ढांचा परियोजना पूरी हो गई है। दोनों देशों को जोड़ने वाली यालू नदी पर बना एक नया पुल गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यातायात के लिए खोल दिया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पुल दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों की आवाजाही को भी सुगम बनाएगा।
इस पुल का उद्घाटन दोनों देशों ने संयुक्त रूप से किया, जिसके अवसर पर चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग और डीपीआरके के कैबिनेट प्रधानमंत्री पाक थे-सोंग ने वीडियो के माध्यम से संबोधित किया। ली छ्यांग ने अपने संबोधन में इस परियोजना को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साझा प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह पुल दोनों देशों की पारंपरिक दोस्ती का नया प्रतीक बनेगा।
व्यापार और संपर्क को बढ़ावा
यह नया केबल-स्टेड पुल पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के तानतोंग शहर को उत्तर कोरिया के उत्तरी प्योंगान प्रांत के सिनुइजू शहर से जोड़ता है। चीनी प्रधानमंत्री ने इस मौके का लाभ उठाते हुए सीमा शुल्क निकासी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने तथा कनेक्टिविटी का स्तर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन, डीपीआरके के साथ रणनीतिक संवाद मजबूत करने और व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुराने पुल की सीमाएं और नए पुल की क्षमता
इससे पहले, यातायात के लिए "चीन-डीपीआरके मैत्री पुल" का इस्तेमाल होता था, जो एक संयुक्त सड़क-रेल पुल है। हालांकि, वह पुराना पुल एक-तरफा यातायात के लिए था और केवल 20 टन से कम वजन वाले ट्रकों का भार ही वहन कर सकता था। इसके विपरीत, नए पुल का डेक 28.5 मीटर चौड़ा है और इसे दो-तरफा यातायात के लिए चार लेन के साथ डिजाइन किया गया है। यह 3000 टन श्रेणी के नौवहन मानक को भी पूरा करता है। इस नए सड़क पुल के निर्माण पर दोनों देशों के बीच 2010 में सहमति बनी थी।
इनपुट: IANS



