चीन ने नीरव मोदी की गिरफ्तारी के लिए भारत का रास्ता साफ़ किया

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने 23 मार्च को हांगकांग सरकार से पंजाब नैशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को गिरफ्तार करने की अपील की थी. गौरतलब है कि हांगकांग ‘एक देश दो व्यवस्था मॉडल’ के तहत चीन सरकार द्वारा प्रशासित है. हालांकि चीन सरकार सामान्य स्थिति में हांगकांग के न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करती है.

अब खबर है कि नीरव मोदी की गिरफ्तारी के लिए कोशिश कर रही केंद्र सरकार को चीन सरकार के रुख से राहत मिली है. चीन ने कहा कि वह भारत के नीरव मोदी प्रकरण में कोई दखलंदाजी नहीं करेगा और हांगकांग की सरकार मोदी के प्रत्यर्पण पर स्वतंत्र फैसला लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगी.

चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता गेंग शुआंग ने भारत द्वारा हांगकांग से नीरव मोदी की गिरफ्तारी करने के प्रस्ताव पर कहा कि चीन सरकार का मानना है कि इस मामले में फैसला हांगकांग सरकार अपने नियम और कानून के आधार पर करेगी. शुआंग के मुताबिक चीन के एक देश दो व्यवस्था मॉडल और हांगकांग के कानून के मुताबिक हांगकांग की सरकार चीन सरकार की मदद और मंजूरी से दूसरे देशों के साथ न्यायिक मामलों पर स्वतंत्र फैसला ले सकती है. लिहाजा, भारत सरकार की किसी उचित मांग पर हांगकांग नियमों के मुताबिक फैसला कर सकती है.

गौरतलब है कि हांगकांग चीन का एक स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन है और चीन सरकार का दावा है कि वह हांगकांग के प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया में कोई दख्लंदाजी नहीं करती. वहीं भारत का हांगकांग के साथ प्रत्यर्पण संधि है जबकि भारत और चीन के बीच इस तरह की कोई संधि नहीं मौजूद है. लिहाजा, माना जा रहा है कि भले चीन सरकार दखलंदाजी से मना कर रही है लेकिन नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के फैसले में चीन पर्दे के पीछे अहम भूमिका अदा कर सकता है.

पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये नीरव मोदी और मेहुच चोकसी ने 11,360 करोड़ रुपये का घोटाला किया. जांच एजेसियां लगातार इस मामले की जांच-पड़ताल कर रही हैं. धीरे-धीरे इस घोटाले की परतें खुल रही हैं. यह घोटाला अब करीब 13,600 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. फिलहाल मामले में जांच जारी है.

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