राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: रायपुर में स्वागत, बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा में होंगी शामिल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुँचीं, जहाँ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति राज्य के कई…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुँचीं, जहाँ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति राज्य के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी, जिसमें बस्तर का ऐतिहासिक मुरिया दरबार भी शामिल है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की मौजूदगी राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का मान बढ़ाएगी।
यात्रा का कार्यक्रम और अन्य आयोजन
अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु 200 रुपये के एक विशेष सिक्के का भी विमोचन करेंगी। इसके अलावा, वह 'सेवा सम्मान पर्व' और 'युवा प्रबोधन कार्यक्रम' में भी शामिल होंगी। शुक्रवार को राष्ट्रपति बस्तर के प्रवास पर रहेंगी, जहाँ वे मुरिया दरबार में शामिल होने के बाद एक आम सभा को भी संबोधित करेंगी।
बस्तर दौरे के मायने
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दौरे को राज्य के लिए सौभाग्य की बात बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में नक्सलवाद से मुक्त हुए बस्तर क्षेत्र में राष्ट्रपति का दौरा स्थानीय लोगों और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए खुशी का एक अभूतपूर्व अवसर है। उनके रायपुर आगमन पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रपति के लिए ऐसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला, लेकिन अब बस्तर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी
मंत्री जायसवाल ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलती तकनीकों को देखते हुए सीटों की संख्या बढ़ाना ज़रूरी है ताकि अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और खड़गे को इस पर संसद में चर्चा करनी चाहिए।
इनपुट: IANS



