छत्तीसगढ़: चावल की बोरियों की आड़ में गांजे की बड़ी तस्करी, ₹1 करोड़ से ज़्यादा की ज़ब्ती, यूपी के दो गिरफ़्तार
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत की गई एक संयुक्त कार्रवाई में, चावल की बोरियों से भरे एक कंटेनर से लगभग 121 किलोग्राम…
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत की गई एक संयुक्त कार्रवाई में, चावल की बोरियों से भरे एक कंटेनर से लगभग 121 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो निवासियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के ज़रिए ओडिशा से रायपुर की ओर बड़ी मात्रा में गांजे की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और सरायपाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने खम्हारपाली RTO बैरियर के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोका।
तलाशी में ऐसे खुला राज़
पूछताछ के दौरान, कंटेनर में सवार लोगों ने अपनी पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी अमनदीप (27) और लल्लू यादव (24) के रूप में बताई। उन्होंने दावा किया कि कंटेनर में चावल की बोरियां लदी हैं। हालांकि, पुलिस को संदेह हुआ और वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी में करीब 300 चावल की बोरियों के बीच छिपाई गई चार बोरियां मिलीं, जिनमें 117 पैकेट रखे थे। इन पैकेटों से कुल 120.960 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
कितनी हुई कुल ज़ब्ती?
पुलिस ने ज़ब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत 60.48 लाख रुपए बताई है। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल हो रहा लगभग 30 लाख रुपए का कंटेनर वाहन और दो मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं। इस तरह, मामले में कुल ज़ब्त संपत्ति का मूल्य एक करोड़ रुपए से अधिक है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ सरायपाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक' की जांच कर रही है ताकि गांजे के स्रोत, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
इनपुट: IANS



