चीन की ऊर्जा क्रांति: पवन और सौर ऊर्जा क्षमता 200 करोड़ किलोवाट के पार, कुल बिजली में अहम हिस्सेदारी
चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस साल सितंबर के अंत तक देश में पवन और सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 201 करोड़ किलोवाट तक पहुँच गई है। यह आँकड़ा चीन के ऊर्जा…
चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस साल सितंबर के अंत तक देश में पवन और सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 201 करोड़ किलोवाट तक पहुँच गई है। यह आँकड़ा चीन के ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाता है।
समाचार एजेंसी IANS ने चीनी राजकीय ऊर्जा ब्यूरो के हवाले से बताया कि देश की कुल बिजली मोटर स्थापित क्षमता 413 करोड़ किलोवाट हो गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि है। इसमें से लगभग आधी क्षमता अब केवल पवन और सौर ऊर्जा स्रोतों से आ रही है।
पवन और सौर ऊर्जा का विस्तार
आँकड़ों के अनुसार, सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 131 करोड़ किलोवाट दर्ज की गई, जिसमें साल-दर-साल 16.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पवन ऊर्जा की क्षमता में 20.4 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि देखी गई और यह 70 करोड़ किलोवाट पर पहुँच गई। ये आँकड़े दिखाते हैं कि चीन अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका
इस साल की पहली तीन तिमाहियों में, पवन और सौर ऊर्जा से कुल बिजली उत्पादन 19 खरब 33 अरब 30 करोड़ किलोवाट-घंटे रहा। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1 खरब 93 अरब 70 करोड़ किलोवाट-घंटे अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली की कुल बढ़ी हुई खपत का 64 प्रतिशत हिस्सा पवन और सौर ऊर्जा जैसे नवीन ऊर्जा स्रोतों ने पूरा किया, जो देश के ऊर्जा क्षेत्र में इनके बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।
इनपुट: IANS



