UP विधानसभा चुनाव 2027: सपा सांसद हरेंद्र मलिक का चंद्रशेखर आज़ाद को न्योता, बोले - 'BJP के खिलाफ लड़ाई में साथ आएं'
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गोलबंदी और बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गोलबंदी और बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को सपा के साथ आने का न्योता दिया है। उनका कहना है कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए आजाद को सपा का हाथ थामना चाहिए।
मुजफ्फरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरेंद्र मलिक ने यह टिप्पणी की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मलिक ने कहा कि प्रदेश की राजनीति अब दो ध्रुवीय हो चुकी है, जिसमें एक तरफ भाजपा है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी। उन्होंने कहा, "जो भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं, वे भारतीय जनता पार्टी को सपोर्ट करेंगे किसी भी तरीके से और जो भारतीय जनता पार्टी को हारना चाहता है, वह हमारे समर्थक हैं, तो वह समाजवादी पार्टी को सपोर्ट करेंगे क्योंकि समाजवादी पार्टी कमजोरों की लड़ाई लड़ने का काम करती है।"
चंद्रशेखर आज़ाद को सलाह
सपा सांसद ने चंद्रशेखर आज़ाद से सीधे तौर पर अपील करते हुए कहा, "हमारा उनसे अनुरोध है कि वह आएं और समाजवादी पार्टी के हाथ को मजबूत करें और समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर काम करें।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि वोट काटने की राजनीति से बचना चाहिए। मलिक ने कहा, "अगर उन्हें वोट काटने का डर है तो वोट ना काटें, वह ठीक बात कह रहे हैं। उन्हें प्रयास करना चाहिए कि वह वोट ना काटें। उन्हें वोट काटने का प्रयास नहीं करना चाहिए।"
MLC चुनाव में धांधली का आरोप
बातचीत के दौरान हरेंद्र मलिक ने हाल ही में हुए स्नातक और शिक्षक MLC चुनावों में प्रशासनिक अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से उनका और कई अन्य जनप्रतिनिधियों का नाम हटा दिया गया था, जिस वजह से वे वोट नहीं डाल सके। उन्होंने कहा, "मैं भी सांसद हूं, पंकज भी विधायक हैं और कई अन्य लोग भी हैं। मतदाता सूची में हमारे नाम नहीं थे, असल में हमारे नाम हटा दिए गए थे, इसलिए हम अपने घर से जाकर वोट नहीं डाल पाए।"
मलिक ने कुछ अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा, "जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तो अपना काम सही किया लेकिन अपर जिला अधिकारी का व्यवहार ठीक नहीं रहा और एक इंस्पेक्टर का भी व्यवहार सही नहीं रहा, इसलिए वह यह लड़ाई लड़ने का काम करेंगे और इस पूरे मामले में किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।"
आज़ाद ने अखिलेश पर साधा था निशाना
गौरतलब है कि हरेंद्र मलिक का यह बयान चंद्रशेखर आज़ाद की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सपा से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। शनिवार को मीरापुर विधानसभा के मोरना गांव में एक कार्यकर्ता सम्मेलन में आज़ाद ने कहा था कि अखिलेश यादव हारना पसंद करेंगे, लेकिन मिलकर भाजपा को हराना पसंद नहीं करेंगे।
इनपुट: IANS



