CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का 'जन-महाभियोग', इस्तीफे की मांग तेज
इंडिया गठबंधन के कई विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में आयोजित 'जन-महाभियोग'…
इंडिया गठबंधन के कई विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में आयोजित 'जन-महाभियोग' कार्यक्रम में कांग्रेस, जेएमएम और आरएसपी समेत कई दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष का कहना है कि वे संसद में अपनी आवाज दबाए जाने के बाद अब जनता के बीच जाकर 'वोट चोरी' का पर्दाफाश कर रहे हैं।
कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने एकजुट होकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि जब तक वह पद नहीं छोड़ते, उनका विरोध जारी रहेगा। विपक्ष का मुख्य आरोप यह है कि एसआईआर (Systematic Instruction for Roll updation) प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या बताया।
सांसदों ने लगाए गंभीर आरोप
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सांसद महुआ माजी ने कहा, "एसआईआर को लेकर लगातार लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम काटे जा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे को राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट तक ले गया और सड़कों पर भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार के न मानने पर 'जन-महाभियोग' जैसे कार्यक्रम की जरूरत पड़ी।
इसी तरह, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि जिस दिन चुनाव आयोग ने समझौता कर घुटने टेके और लाखों-करोड़ों लोगों के वोट गैरकानूनी तरीके से हटाए गए, उसी दिन सीईसी का महाभियोग हो गया था। उन्होंने कहा, "यह सरकार हमें संसद में बोलने नहीं देती, घंटी बजाकर दरवाजे बंद कर देती है।"
'संसद में आवाज दबी, तो जनता के बीच आए'
तृणमूल कांग्रेस से लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव को दबा दिया गया, जबकि उस पर जरूरी संख्या में सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा, "जब संसद में हमारी आवाज दबाई जाती है, तो हम जिन लोगों ने हमें चुनकर संसद भेजा है, उनकी चिंताओं को सीधे उनके बीच ले जाते हैं।"
आरएसपी सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के लिए उन्हें इस्तीफा देकर अपने पद से हट जाना चाहिए।"
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए 'वोट चोरी' के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियां उजागर हो चुकी हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने इस कार्यक्रम को ज्ञानेश कुमार का 'विदाई कार्यक्रम' बताया और देश की जनता से 'वोट चोरों' के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
इस बीच, उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने संबंधी गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, "उन्हें देश के संविधान का कोई सम्मान नहीं है। गृह मंत्री को यूपी जाने से पहले एमएलसी चुनाव के नतीजे देख लेने चाहिए थे।"
इनपुट: IANS



