डिजिटल अरेस्ट: CBI ने 11.42 करोड़ की ठगी में दो और लोगों को पकड़ा, देशव्यापी कार्रवाई जारी
गुजरात में एक व्यक्ति को तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 11.42 करोड़ रुपये ठगने के सनसनीखेज मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के…
गुजरात में एक व्यक्ति को तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 11.42 करोड़ रुपये ठगने के सनसनीखेज मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरफ्तारी सीबीआई के 'ऑपरेशन चक्र-6' का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में डिजिटल धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि इन दोनों ने ठगी के पैसों को हासिल करने, उसे कई खातों में घुमाने (लेयरिंग) और आगे भेजने में अहम भूमिका निभाई थी।
साजिश और मनी ट्रेल
जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों आरोपियों ने एक कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल कर पीड़ित से ठगे गए 11.42 करोड़ रुपये में से 2.5 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। इसके बाद, पैसे के असली स्रोत को छिपाने के लिए इस रकम को सक्रिय रूप से अपने साथियों के कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। ये दोनों आरोपी 'डिजिटल अरेस्ट' और अन्य साइबर अपराधों से कमाए गए पैसों को निकालने के लिए बैंक खातों और एपीके फाइलों का भी इस्तेमाल कर रहे थे।
यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित को साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिस और ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर धमकाया और तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।
देशभर में CBI की छापेमारी
इस मामले में कार्रवाई को तेज करते हुए सीबीआई ने 10 राज्यों में 22 जगहों पर एक साथ तलाशी ली। इस दौरान आपत्तिजनक बैंकिंग दस्तावेज, खाते से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस समेत कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए। आरोपियों के डिजिटल डिवाइस से कई चैट, मैसेज और दस्तावेज मिले हैं जो अपराध में उनकी संलिप्तता को साबित करते हैं। सीबीआई ने बताया कि पिछले 30 दिनों में 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े चार मामलों में 22 राज्यों में 142 जगहों पर छापेमारी की गई है और कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



