शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिका में एक दशक से छिपा था धोखाधड़ी का आरोपी, CBI ने प्रत्यर्पण कराकर दिल्ली में किया गिरफ्तार

सिंगापुर में भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में 2013 से फरार चल रहे आरोपी हरनेक सिंह को आखिरकार भारत वापस ले आया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने…

अमेरिका में एक दशक से छिपा था धोखाधड़ी का आरोपी, CBI ने प्रत्यर्पण कराकर दिल्ली में किया गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

सिंगापुर में भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में 2013 से फरार चल रहे आरोपी हरनेक सिंह को आखिरकार भारत वापस ले आया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरनेक सिंह का अमेरिका से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण कराया और बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

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सीबीआई अब हरनेक को हरियाणा के पंचकूला में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है। आरोपी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस और एक लुक-आउट सर्कुलर पहले से ही जारी था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला 2013 का है, जब सिंगापुर में रहने या काम करने वाले भारतीयों को फर्जी फोन कॉल किए जाते थे। फोन करने वाले खुद को सिंगापुर का आप्रवासन (Immigration) अधिकारी बताते थे और लोगों से कहते थे कि उन्होंने हवाई अड्डे पर उतरते समय फॉर्म में गलत जानकारी भरी है।

आरोपी पीड़ितों को आपराधिक मुकदमा चलाने और देश से निकालने की धमकी देकर डराते थे। इसके बाद, वे उनसे 'सेटलमेंट फीस' या जुर्माने के नाम पर वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए भारत में कुछ खास लोगों को पैसे भेजने के लिए कहते थे।

आरोपी हरनेक की भूमिका

सीबीआई की जांच, जो 2016 में दर्ज हुई थी, में यह बात सामने आई कि धोखाधड़ी से हासिल की गई यह रकम हरनेक सिंह द्वारा चलाए जा रहे एक मनी-ट्रांसफर आउटलेट के माध्यम से प्राप्त की जाती थी। इस साजिश में उसके साथ दो और लोग, आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन, भी शामिल थे।

मामले की भनक लगते ही हरनेक सिंह मई 2013 में देश छोड़कर भाग गया और अवैध रूप से अमेरिका पहुंच गया, जहां वह एक दशक से अधिक समय से छिपा हुआ था।

दो साथी पहले ही हो चुके हैं दोषी करार

हरनेक सिंह की फरारी के दौरान ही पंचकूला की अदालत में उसके साथियों आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन के खिलाफ मुकदमा पूरा हो गया। 26 मई, 2025 को दोनों को दोषी ठहराया गया था। हरनेक सिंह समन और वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद इसी साल 22 अप्रैल को उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसी आधार पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से कार्रवाई तेज की, जिसके परिणामस्वरूप उसका प्रत्यर्पण हुआ।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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