Cattle smuggling: मवेशियों से ठसा-ठसा भरी गाड़ियां, भागलपुर बाइपास पर रात के अंधेरे में यूं होती है पशु तस्करी

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Cattle smuggling: मवेशियों से ठसा-ठसा भरी गाड़ियां, भागलपुर बाइपास पर रात के अंधेरे में यूं होती है पशु तस्करी

भागलपुर: बाइपास के रास्ते वाहनों से मवेशियों की ढुलाई बेधड़क हो रही है। यही नहीं वाहनों में मवेशियों को इस कदर रखा जाता की वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते हैं। मवेशियों को रात के अंधेरे में वाहनों में भरकर एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जाता है, जिससे की जिले के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगे। अक्सर छोटे-बड़े मवेशी वाहनों में मानक क्षमता से अधिक पशुओं को रखा जाता है। ऐसे में मवेशियों को सांस की समस्या सहित कई परेशानियों का सामना करना होता है। लोदीपुर थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप बाइपास पर अवैध रूप से मवेशी लोड कर जा रहे एक वाहन चालक ने बताया कि वह बांका के धोरैया से मवेशी लेकर आ रहा है। जबकि इन मवेशियों को अररिया पहुंचाना था।

उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर बकायदा पासर (अवैध रूप से वाहन को पास कराने वाला) तैनात रहता है। हुआ भी वही, जैसे ही पासर को मवेशी लोड गाड़ी के रोकने की भनक मिली, कई पासर तुरंत जमा हो गए। हालांकि मौके पर लोदीपुर थाना की पुलिस भी पहुंची, लेकिन इन पासर के सामने उनकी भी एक न चली और पुलिस बैरंग बिना कार्रवाई के ही वापस लौट गई। पासर इस दौरान जमकर अपनी धमक भी दिखा रहे थे। मोबाइल निकालकर वह खुद वीडियो बनाने लगा और अवैध रूप से वाहन रोककर पैसा वसूली की शिकायत भी करने लगा।

पशुओं की स्वतंत्रता छीनने का किसी को अधिकार नहीं: प्रभारी जिला पशुपालन पदाधिकारी
भागलपुर के प्रभारी जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. विष्णुदेव साह बताते हैं कि पशुओं की स्वतंत्रता छीनना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि इसमें मुख्य रूप से जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी होती है। इसके अलावा अवैध रूप से मवेशियों की ढुलाई होने पर संबंधित थाना की पुलिस को उक्त वाहन रोकनी चाहिए। पुलिस गलत ढंग से रखे गए मवेशी वाले वाहन को रोककर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देती है और इसके बाद डॉक्टरों की टीम पशुओं की स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात उसे गौशाला या कहीं व्यवस्थित जगह पर रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि अवैध रूप से पशुओं की ढुलाई के मामले में पशु क्रूरता निवारण समिति की पहल पर कई बार संबंधित लोगों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा चुकी है। जबकि भागलपुर के मवेशी अस्पताल में तैनात कनीय पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गुलाब चंद ने बताया कि पशुओं को ट्रैवल के लिए कम से कम 3/2 को जगह होना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें समय-समय पर चारा और पानी भी देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि मानक के विपरित भारी संख्या में एक साथ पशुओं को रखने से कई दफा वे लहूलुहान भी हो जाते हैं। उन्हें चारा और पानी भी देना संभव नहीं पाता है। ऐसी स्थिति में यह पशुओं पर क्रूरता ही है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

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जिला पशुपालन चिकित्सा पदाधिकारी और एसपी और थानेदारों के साथ जल्द करेंगे बैठक: एसडीओ
भागलपुर की सड़कों पर देर रात अवैध रूप से वाहनों पर पशुओं की ढुलाई के मामले को एसडीओ धनंजय कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि पशुओं पर इस तरह की क्रूरता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ धनंजय कुमार की माने तो जल्द जिला पशुपालन चिकित्सा पदाधिकारी, एसपी और संबंधित थानेदारों के साथ अगले सप्ताह बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित जो भी गाइडलाइंस है उससे थानेदारों को बैठक में अवगत करता जायेगा।
रिपोर्ट: रूपेश कुमार झा

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