डेढ़ करोड़ रुपये डकार कर बैठे केबिल ऑपरेटर

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मनोरंजन कर की वसूली को लेकर विभागीय अफसर परेशान हैं। केबिल ऑपरेटरों पर जब वसूली का दबाव बढ़ाया गया तो उल्टे विभागीय अफसरों पर ही वसूली के आरोप लगा दिए गए। हालांकि इन आरोपों को शहर के दो प्रमुख मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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राजधानी मेंकरीब 187 केबिल ऑपरेटर नेटवर्क संचालन का काम कर रहे हैं, जिसमें ज्यादातर केबिल संचालक समय पर अपना राजस्व जमा कर रहे हैं। जबकि कुछ केबिल ऑपरेटर टैक्स न जमा करने के लिए एमएसओ संचालकों पर दबाव बना रहे हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि शहर में केबिल नेटवर्क संचालित करने वाले सभी ऑपरेटरों के पास वही लाइसेंस हैं जो एमएसओ के पास होता है।

जिन एमएसओ से एग्रीमेंट किया जाता है, उसमें भी इस बात का उल्लेख किया जाता है कि संचालक स्वयं मनोरंजन कर को अदा करेगा। जीएसटी लागू होने के बाद से कुछ ऑपरेटर टैक्स जमा करने को लेकर गलत अफवाह फैला रहे हैं। वह खुद को टैक्स की जिम्मेदार से बचाने के लिए मनोरंजन कर विभाग के अफसरों पर झूठे आरोप भी लगा रहे हैं।

मौजूदा समय में कुछ केबिल ऑपरेटरों पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है। इन्होंने 15 सालों से मनोरंजन कर नहीं जमा किया है। मनोरंजन कर विभाग (अब जीएसटी) विभाग से इनके खिलाफ  नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने लगभग सवा सौ केबिल ऑपरेटरों के खिलाफ  56 लाख रुपये की नाटिस जारी भी कर दी है। इनमें से एक का नौ लाख रुपये का मनोरंजन कर बकाया है।

29 दिसंबर से बदल जायेगा मनोरंजन का नियम

केबल टीवी से जुड़े लाखों उपभोक्ताओं का मनोरंजन 29 दिसंबर से कुछ महंगा हो जाएगा। ट्राई 29 दिसंबर से एमआरपी का नया नियम लागू करने जा रहा है। इसके बाद केबिल टीवी उपभोकताओं को उन्ही चैनलों का पैसा चुकाना होगा जा वो देखना चाहते हैं। हालांकि इसे लेकर अभी से विरोध शुरू हो गया है। केबिल आपरेटरनों का कहना है कि केबिल टीवी कारोबार के लिए भी यह ग्रहण साबित हो सकता है। केबिल आपरेटर जसवीर सिंह न बताया कि अभी केबिल टीवी से जुड़े उपभोक्ता 100 से 250 रुपये दे रहे हैं। फ्री टू एयर चैनल देखने के पैसे लगते ही नहीं है। नया नियम आने के बाद फ्री  टू एयर चैनल देखने के लिए भी 130 रुपये चुकाने पड़ेंगे।

पसंदीदा चैनल के लिए चुकानें होंगे पैसे

इसके अलावा पसंदीदा चैनल के लिए एक रुपये से लेकर 19 रुपये तक देने होंगे। इंटरटेनमेंट और स्पोट्र्स चैनल के दाम 10 रुपये से ऊपर हैं। केबिल टीवी पर दिखाए जा रहे सभी चैनलों को देखना चाहेंगे तो 700 से 800 रुपये उपभोक्ता को देने होंगे। इसी को लेकर केबिल आपरेटर विरोध कर रहे हैं।

डीटीएच से गायब हो सकते हैं कई चैनल

केबल ऑपरेटरों ने ट्राई के नए नियम के विरोध में पहले ही मोर्चा खोल दिया है। केबिल टीवी आपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। डीटीएच से भी कई महत्वपूर्ण चैनल गायब हो सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को फिलहाल कोई शुल्क नहीं देना होता था। अब शुल्क वाले चैनल अपने आप मुफ्त सेवा से बाहर हो जाएंगे।