Brendon McCullum Vs Rahul Dravid: एक आक्रामक तो दूसरा कूल, ये 3 बातें करती हैं ब्रेंडन मैकुलम और राहुल द्रविड़ को अलग

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Brendon McCullum Vs Rahul Dravid: एक आक्रामक तो दूसरा कूल, ये 3 बातें करती हैं ब्रेंडन मैकुलम और राहुल द्रविड़ को अलग

नई दिल्ली: भारतीय टीम पिछले साल इंग्लैंड (IND vs ENG) के खिलाफ कोरोना की वजह से स्थगित हुई टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला खेलने के लिए तैयार है। यह मैच एक जुलाई के बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा। पिछले साल स्थगित हुई सीरीज से अभी तक काफी कुछ बदल चुका है। दोनों टीमों के कप्तान के साथ ही मुख्य कोच भी अब अलग हैं। इंग्लैंड के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (Brendon McCullum) तो भारत के कोच हैं राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid)। आज हम आपको वो तीन बातें बताने जा रहे हैं, जिससे पता चलेगा कि दोनों कितने अलग हैं।

ज्यादा बदलाव Vs स्थिर प्लेइंग इलेवन
ब्रेंडन मैकुलम ने कोच बनते ही टीम में कई बदलाव किए। टीम से बाहर चल रहे जेम्स एंडरसन की वापसी कराई। पहले दो टेस्ट में मौका देने के बाद आखिरी टीम में उन्हें बाहर रखा गया। इसी तरह नंबर-3 में ओली पोप को लेकर आए। उनके आने से जो रूट पर दबाव कम हुआ। इससे पहले केकेआर के कोच रहते हुए भी उन्होंने टीम में काफी बदलाव किए थे।

दूसरी तरह राहुल द्रविड़ स्थिर प्लेइंग इलेवन के पक्षधर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के सभी 5 मैच में भारतीय टीम एक ही प्लेइंग इलेवन के साथ उतरी। आवेश खान को फेल होने के बाद मौके दिए और चौथे टी20 में उन्होंने मैच जीताऊ स्पेल डाला।
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आर नहीं तो पार Vs प्रोसेस पर ध्यान
नया कोच आने के बाद इंग्लिश टीम में एक बदलाव दिखा है कि वे आर या पार के इरादे से मैदान पर उतरती हैं। टेस्ट में टीम की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से यह साफ होता है। तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने बयान भी दिया था कि मैकुलम के कोच बनने के बाद टीम का माइंडसेट बदला है। टीम ने लगातार तीन टेस्ट में 270+ रन का लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीता है।

राहुल द्रविड़ खिलाड़ी को तरह कोच के रूप में भी प्रोसेस पर विश्वास करते हैं। वह समय लेकर रिजल्ट देते हैं। द्रविड़ की कोचिंग में भारत को ए टीम के एक से बढ़क एक खिलाड़ी मिले। मोहम्मद सिराज से लेकर श्रेयस अय्यर, पृथ्वी साव, मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ियों को उन्होंने समय दिया और तैयार किए।
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युवाओं को मौका Vs अनुभव पर भरोसा
ब्रेंडन मैकुलम ने अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज में तीन खिलाड़ियों को डेब्यू का मौका दिया। मैथ्यू पोट्स के अलावा मैट पार्किंसन और जेमी ओवर्टन को इंग्लैंड टीम का कैप मिला। पोट्स और ओवर्टन ने अपनी छाप भी छोड़ दी है।

दूसरी तरह राहुल द्रविड़ अनुभव पर भरोसा दिखाते नजर आए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अच्छा खेल दिखाने के बाद भी साउथ अफ्रीका में द्रविड़ ने पुजारा और रहाणे को ही मौका दिया। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में दोनों खिलाड़ी बाहर थे, लेकिन इंग्लैंड दौरे के लिए पुजारा की टीम में वापसी हो गई है।



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