सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ब्रज की 84 कोसी परिक्रमा: श्रद्धालुओं की मुश्किलों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया समाधान खोजने का निर्देश

हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी ब्रज की ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा के मार्ग में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को…

ब्रज की 84 कोसी परिक्रमा: श्रद्धालुओं की मुश्किलों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया समाधान खोजने का निर्देश
(फोटो: IANS)

हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी ब्रज की ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा के मार्ग में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह परिक्रमा करने वाले तीर्थयात्रियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं को होने वाली दिक्कतों की जांच कर सुधारात्मक उपाय कर सकती है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह तीर्थयात्रियों के लिए शौचालय, स्वच्छ पेयजल और विश्राम स्थलों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव की पहचान करे। कोर्ट ने टिप्पणी की, "केंद्र सरकार 84-कोस परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को होने वाली दिक्कतों की जांच कर सकती है, जिसमें साफ-सफाई, पीने के पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी शामिल है।"

तीन राज्यों से जुड़ा मामला

चूंकि यह परिक्रमा मार्ग एक से अधिक राज्यों की सीमाओं से होकर गुजरता है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा की सरकारों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार को उचित स्तर पर सभी संबंधित पक्षों (हितधारकों) के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए ताकि इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

क्या है 84 कोसी परिक्रमा?

ब्रज क्षेत्र को भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली माना जाता है और यह चौरासी कोस की परिधि में फैला है। इसी क्षेत्र की परिक्रमा को 'चौरासी कोस परिक्रमा' कहा जाता है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह यात्रा करीब 40 दिनों तक चलती है, जिसमें श्रद्धालु पैदल चलकर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान करते हुए इसे पूरा करते हैं। इस दौरान वे भगवान कृष्ण से जुड़े पौराणिक स्थलों, वनों, सरोवरों और मंदिरों के दर्शन करते हैं।

यह परिक्रमा उत्तर प्रदेश के मथुरा और अलीगढ़ जिलों के अलावा राजस्थान के डीग जिले (डीग, आदिबद्री, कामा) और हरियाणा के पलवल (होडल, हसनपुर) व नूंह (मेवात) जिलों के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है।

इनपुट: IANS

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News4Social धर्म-संस्कृति डेस्क

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