झटका – हलाल मीट पर सोशल मीडिया पर बवाल

Mcdonald's
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आजकल झटका और हलाल मीट को लेकर सोशल मीडिया पर एक्शन-रिएक्शन का दौर चल रहा हैं। कुछ दिनों पहले मीट की कैटिगिरी हलाल और झटका मीट को लेकर जौमेटो विवाद में पड़ा और अब इसी सिलसिले में McDonald भी शामिल हो गया है और टविटर पर boycottMcDonald हैशटैग तेजी ट्रेंड कर रहा है।

पहले आपको बताते हैं झटका मीट के बारे में। दरअसल, जब कसाई बकरे या मुर्गे को काटता है तो दो तरीके से काटता है। पहला तरीका है झटका। इसमें बकरे, मुर्गे की गर्दन को झटके से काटकर गर्दन को धड़ से अलग कर दिया जाता है और सारा खून शरीर के अंदर रहता है।

दूसरा तरीका है हलाल। काटने की इस प्रक्रिया में कसाई मुर्गे या बकरे की गर्दन को धड़ से अलग नहीं करता है बल्कि उन पर हथियार से एक वार करके बॉडी से खून निकलने के तक छोड़ देता है। इस प्रक्रिया में सारा खून बॉड़ी से निकल जाता है। वहीं, झटके में Blood बॉडी के अंदर ही रहता है। ये तो हुआ झटका और हलाल मीट की प्रक्रिया का लेखाजोखा। आइये अब जानते हैं इसे लेकर सोशल मीडिया पर बवाल क्यों मचा हुआ है।

कुछ दिन पहले एक सवाल पर खाने का कोई धर्म नहीं होता कहकर जौमेटो ने सोशल मीडिया पर अपनी फज़ीहत कराई। अब मैक्डोन्लड की हालात भी कुछ ऐसी ही नजर आ रही है। दरअसल, एक ट्विटर यूजर ने मैक्डोन्लड इंडिया को टैग करते हुए झटका और हलाल मीट को लेकर सवाल पूछा कि ”क्या मेक्डोन्लड भारत में हलाल सर्टिफाइड है।” इस सवाल पर मैक्डोन्लड ने दो धड़ाधड़ दो ट्वीट करके जवाब दिया। पहले ट्वीट में कहा गया- ”मैकडॉनल्ड्स इंडिया से संपर्क करने के लिए शुक्रिया। हम आपके सवाल का जवाब देने के लिए आपकी सराहना करते हैं। हमारे रेस्तरां में जिस मांस हम इस्तेमाल किया जाता है वो उच्चतम क्वॉलिटी के होते हें और ये मांस सरकार द्वारा approved suppliers से खरीदा जाता है जो कि HACCP से सर्टिफाइड हैं”।

इसके अलावा दूसरे ट्वीट में मैक्डोन्लड ने कहा – ”हमारे सभी रेस्तराँ में हलाल सर्टिफाइड है। आप अपनी संतुष्टि और पुष्टि के लिए संबंधित रेस्तरां के मैनजर से सर्टिफिकेट दिखाने के लिए कह  सकते हैं।”

मैक्डोन्लड ने इस पूरे मुद्दे पर अपना पक्ष रखकर इस विषय को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया पर, खासकर ट्विटर पर फूड डिलीवरी को लेकर कुछ दिन पहले दिए गए जौमेटो के बयान की चौतरफा आलोचना करने वाले यूजर झटका हलाल मुद्दे पर भी सक्रिय हुए और मैक्डोन्लड की खिंचाई करने लगे और देखते ही देखते ही boycottmcDonald हैशटैग ट्रेंड करने लगा। फजीहत का ये सिलसिला अभी तक जारी है और लोग लगातार मैक्डोन्लड के खिलाफ गुस्साए हुए हैं। कई लोगों ने ट्वीट करके कहा कि हम अब मैक्डोन्लड रेस्टरां में नहीं जाएंगे।

हाल के दिनों में अक्सर झटका और हलाल मीट का मुद्दा सुर्खियों में रहा है और इस पर काफी बहस भी हो चुकी है। मगर सवाल ये है कि इस तरह के मुद्दों को विवाद का विषय क्यों बना दिया जाता है। मीट के मामले में जिसे जो पसंद है उसे वही खाना चाहिए। इस पर किसी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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