चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा - सरकार के इशारे पर हो रहा काम
विपक्षी दलों ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संवैधानिक…
विपक्षी दलों ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर रही है और उन्हें अपने हिसाब से चला रही है। यह प्रतिक्रिया मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अब लोगों का चुनाव आयोग पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। चुनाव आयोग एक ऐसी संस्था की तरह काम करता है जो सरकार के हर आदेश के आगे सिर झुका देती है।" दलवई ने आगे आरोप लगाया, "असल में वे सरकार के नौकर बन गए हैं। आयोग अब कोई भी फैसला स्वतंत्र रूप से नहीं लेता है, बल्कि भाजपा के इशारे पर काम करता है। भाजपा सभी संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर रही है।"
आप ने सरकार पर लगाया बचाने का आरोप
वहीं, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार पर जिद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जनता की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को हटाओ और पूरी सरकार उन्हें बचाने में जुटी हुई है। आखिर क्या मजबूरी है इस मोदी सरकार की? ज्ञानेश कुमार को क्यों बचाने की जिद पर अड़ी हुई है।"
गोपाल राय ने इंडिया ब्लॉक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, "देश आंदोलनरत है और इस पर जल्द न्याय चाहता है। काफी लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में अर्जियां लगती रही हैं, लेकिन उसकी तारीख पड़ती रही है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करके न्याय की गुहार पर तुरंत फैसला करेगा।"
संवाद और दमन पर सरकार को घेरा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने हर मुद्दे पर संवाद के लिए तैयार रहने की बात कही थी, गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा, "सरकार बात तो संवाद की कर रही है और काम दमन का कर रही है। हम तो यही चाहते हैं कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक आंदोलन के लिए जगह दी जाए। सरकार संवाद करे और संवाद करके इसका समाधान निकाले।"
इनपुट: IANS



