लोकसभा चुनाव: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से बॉलीवुड अदाकारा माधुरी को मिला बड़ा ऑफर

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नई दिल्ली: अपने शानदार अभिनय और अपने डांस से सभी की दिलों में राज करने वाली धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित नेने को अब इस बड़ी पार्टी के तरफ से एक ऑफर मिला है. जी हां, माधुरी जल्द ही फिल्मी दुनिया से हटकर राजनीती में कदम अजमाने जा रहीं है.

बीजेपी आने वाले लोकसभा चुनाव में पुणे सीट से माधुरी को उतार सकती है

बताया जा रहा है कि माधुरी राजनीति में पदार्पण कर सकती हैं. बीजेपी आने वाले लोकसभा चुनाव में पुणे सीट से उन्होंने मैदान में उतार सकती है. पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा नेतृत्व इस मसले में गंभीरता से विचार कर रहीं है. भाजपा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल जून में इस फिल्मी अदाकारा से मुंबई स्थित उनके आवास स्थान पर उनसे मुलाकात की थी.

 

उस दौरान शाह मुंबई पार्टी के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत गए हुए थे. शाह ने इस दौरान माधुरी को मोदी सरकार की उपलब्धियों से रूबरू करवाया था. राज्य के एक बड़े नेता ने बीते दिन यानी गुरुवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि माधुरी का नाम पुणे लोकसभा सीट के लिए चुना गया है. उन्होंने कहा 2019 के चुनाव को लेकर पार्टी माधुरी को उम्मीदावर के रूप मैदान में उतारने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहीं है.

हमारे अनुसार, पुणे लोकसभा सीट उनके लिए सही रहेगी. साल 2014 में बीजेपी ने पुणे लोकसभा सीट कांग्रेस के हाथ से ले ली थी. बता दें कि माधुरी ने कई बड़ी फिल्में दी है, उनकी लोकप्रियता देश-विदेश दोनों में ही है. ऐसे में भाजपा द्वारा पुणे सीट से उन्हें खड़ा करना अपने वोट बैंक को बढ़ने का है.

 

स्थानीय निकाय चुनाव में सभी प्रत्याशियों को बदल दिया था

वहीं माधुरी को चुनावी राजनीती में खड़े करने की योजना पर भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि इस तरह के तरीके मोदी ने गुजरात में तब अपनाए थे जब वह पहली बार सीएम बने थे. उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव में सभी प्रत्याशियों को बदल दिया था, इस फैसले से पार्टी को फायदा भी हुआ था. ऐसे में विपक्ष काफी आश्चर्यचकित रह गया और भाजपा ने अधिक से अधिक सीट जीतकर सत्ता अपने नाम की. उनका माना यह है इस तरह की तरकीब लोकसभा चुनाव में काम आ सकती है.  नेता के मुताबिक, इसी प्रकार का सफल प्रयोग साल 2017 में दिल्ली के निकाय चुनावों में भी किया गया, जब सभी मौजूद पार्षदों को टिकट देने से मना कर दिया. भाजपा ने ऐसे जीत अपने नाम दर्ज कर उसको नियंत्रण बरकरार भी रखी.