रविवार, 1 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

बिलासपुर: 5 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व मैनेजर समेत दो के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में हुए 5 करोड़ रुपये से अधिक के लोन घोटाले में राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW-ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के…

बिलासपुर: 5 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व मैनेजर समेत दो के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल
(फोटो: IANS)

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में हुए 5 करोड़ रुपये से अधिक के लोन घोटाले में राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW-ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद EOW-ACB ने बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट (चालान) पेश कर दी है।

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यह पूरा मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की राजकिशोर नगर शाखा से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर 11 फर्जी फर्मों के नाम पर ऋण स्वीकृत कराए गए थे। इस धोखाधड़ी से बैंक को कुल 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।

फर्जी फर्मों और दस्तावेजों का जाल

जांच में यह बात सामने आई कि मामले के एक आरोपी विश्वजीत भौमिक ने लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह घोटाला किया। आरोप है कि भौमिक अपने फाइनेंस कार्यालय के माध्यम से लोगों से ऋण दिलाने के नाम पर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के दस्तावेज लेता था। इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उसने लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी फर्में बना लीं। जांच के दौरान तीन फर्मों के पंजीयन प्रमाणपत्र भी फर्जी पाए गए।

कैसे दिया गया घोटाले को अंजाम?

आरोप पत्र के मुताबिक, बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राहुल कुमार सिन्हा ने नियमों की अनदेखी करते हुए इन 11 फर्जी फर्मों को कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट और टर्म लोन जैसी ऋण सुविधाएं मंजूर कर दीं। उन पर गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने का भी आरोप है। बाद में बैंक के निरीक्षण में पता चला कि किसी भी फर्म की कोई वास्तविक व्यावसायिक इकाई मौजूद नहीं थी। जांच एजेंसी ने पाया कि ऋण की रकम का इस्तेमाल कारोबार में करने के बजाय उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया, जिसका अंतिम लाभार्थी विश्वजीत भौमिक था। ये सभी 11 ऋण खाते 2019 में ही नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) हो गए थे।

EOW-ACB ने 30 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर की विशेष अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप पत्र पेश किया है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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