Bihar Weather Update: दरभंगा से गुजर रही मानसून की ट्रफ लाइन, अगले पांच दिनों तक बिहार में होगी भारी बारिश

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Bihar Weather Update: दरभंगा से गुजर रही मानसून की ट्रफ लाइन, अगले पांच दिनों तक बिहार में होगी भारी बारिश

Bihar Weather Update: दरभंगा से गुजर रही मानसून की ट्रफ लाइन, अगले पांच दिनों तक बिहार में होगी भारी बारिश

धरती पर तप रही, आकाश में बादल छाया

सोमवार की तरह मंगलवार को भी पूरे दिन भर उत्तर बिहार हिट स्ट्रोक की चपेट में रहा। हालांकि शाम में आकाश में काले बादल छाए देख उम्मीद की जा रही है कि देर शाम तक बारिश होगी और मौसम सुहाना होगा। फिलहाल इतनी गर्मी है कि कूलर-पंखे बेअसर हो गए हैं। गर्म हवा के थपेड़ों ने घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। सुबह-सुबह सूरज निकलते ही लोगों को असहनीय गर्मी से सामना हो रहा है। इसके बाद जैसे-जैसे दिन उपर उठता है, गर्मी से लोगों को हाल बेहाल होता जा रहा है। तेज धूप से धरती तप रही है।

40 से 45 फीसदी धान की रोपनी

40 से 45 फीसदी धान की रोपनी

सीतामढ़ी समेत उत्तर बिहार में काफी समय से बारिश नहीं होने (झमाझम बारिश) से धान की खेतों में दरार पड़ रहे हैं। इसे देख किसानों का मानो कलेजा फट जा रहा है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर धान की फसल को बचाएं तो कैसे। वे आर्थिक रूप से इतने सम्पन्न नहीं हैं कि पटवन कर लें और इतनी क्षमता भी नहीं है कि बारिश करा दें। यानी किसान धान की रोप कर अब खुली आंखों से उसे बर्बाद होते देख रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जोरदार बारिश नहीं हुई तो धान की फसल पूरी तरह मारी जायेगी और हर किसी को खरीद कर चावल का उपयोग करना पड़ेगा। तब काफी गंभीर स्थिति उत्पन्न होगी।

बारिश की रिपोर्ट से गंभीर स्थिति का संकेत

बारिश की रिपोर्ट से गंभीर स्थिति का संकेत

उत्तर बिहार के अन्य जिलों की तरह सीतामढ़ी जिले में भी जुलाई में काफी कम बारिश हुई है। रिपोर्ट है कि जुलाई में सीतामढ़ी के 17 प्रखंडों में अधिकांश में मात्र पांच से छह दिन हल्की बारिश हुई है। 15 से 29 जुलाई तक किसी प्रखंड में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। इससे पहले यानी 14 से एक जुलाई के बीच भी बारिश के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही रही। बारिश के आभाव में ही चापाकल सूखते जा रहे है। पेयजल की गंभीर संकट उत्पन्न हो गई है।

साधारण चापाकल से नहीं नकल रहा पानी

साधारण चापाकल से नहीं नकल रहा पानी

पानी का कितना बड़ा संकट हो गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम मनेश कुमार मीणा ने मंगलवार को इसको लेकर विशेष बैठक बुलाई थी। मौके पर पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया गया कि संवेदनशील पंचायतों में जल स्तर नीचे चला गया है। जहां साधारण चापाकल से पानी देना बंद हो गया है, उन पंचायतों में स्पेशल चापाकल परिवर्तित कर जल आपूर्ति चालू किया जा रहा है। वर्तमान में सोनबरसा प्रखंड के इंदरवा पंचायत, परिहार प्रखंड में बबुरवन, मानिकपुर मूसहरनिया, प्रखंड सुप्पी में पंचायत मोहनी मंडल, प्रखंड बोखरा के पंचायत बोखरा, प्रखंड परसौनी के परशुरामपुर में कार्य कराया जा रहा है। अन्य पंचायतों में आगामी 10 दिनों के अंदर कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

बिहार में भारी बारिश का अनुमान

बिहार में भारी बारिश का अनुमान

इधर, आईएमडी ने बताया है कि उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कुछ दिनों से गहरा दबाव बना हुआ था, वह अब तीब्र रूप ले चुका है और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित हो गया है। ऐसे में उत्तर और पश्चिम भारत में बारिश के दौर में बढ़ोतरी होगी। वहीं, स्काईमेट के अनुसार, बिहार-झारखंड में 5 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

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