अध्यक्ष को हटाने से कांग्रेस पर टूटने का खतरा कम हुआ?

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बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी का कहना है कि पार्टी को उनके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। सम्मान के साथ उन्हें हटाना चाहिए था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अशोक चौधरी को बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर कौबब कादरी को बिहार कांग्रेस अध्यक्ष का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है।

अशोक चौधऱी ने भावुक होकर कहा कि मैंने 17 वर्षों तक पार्टी की सेवा की लेकिन उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की सूचना तक नहीं दी गई। अभी तक अधिकारिक तौर पर उन्हें कोई फोन भी नहीं आया है। मीडिया से उन्हें पता चला कि वो पद से हटा दिए गए हैं। अशोक चौधरी ने आरोप लगाया कि बिहार के प्रभारी सी पी जोशी ने आलाकमान को गुमराह किया है।

सीपी जोशी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वो मीडिया को बताते हैं कि मुझे अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है लेकिन मुझे नहीं और अभी तक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि ‘मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार बैठा था’।

अशोक चौधरी ने कहा कि वो साढ़े चार साल तक बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे और सबसे सफल अध्यक्ष रहें। उन्होंने कहा कि जितनी पार्टी उनके कार्यकाल में विधानसभा और विधान परिषद के चुनाव में सफल रही उतनी कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी तोड़ने के आरोप में हटा दिया गया यह मेरा नहीं दलितों का भी अपमान है। चौधरी ने आलाकमान के फैसले का स्वागत किया लेकिन जिस प्रकार फैसला लिया गया वो ठीक नहीं है।

चौधरी ने कहा कि मैंने बिहार में पार्टी को खड़ा किया लेकिन बदले में बदनामी और मानसिक तनाव के अलावा कुछ नहीं मिला। झूठे आरोप लगाए गया कि मैं पार्टी तोड़ने की साजिश कर रहा हूं लेकिन कोई सबूत किसी के पास नहीं है। ये कहते-कहते अशोक चौधरी के आंखो में आंसू आ गए।

 

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