Bihar: रूठकर घर बैठे मंत्री जी 25 दिन बाद खुद मान गए! अपने विवादित PS के साथ ऑफिस पहुंचे प्रोफेसर चंद्रशेखर

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Bihar: रूठकर घर बैठे मंत्री जी 25 दिन बाद खुद मान गए! अपने विवादित PS के साथ ऑफिस पहुंचे प्रोफेसर चंद्रशेखर

Bihar: रूठकर घर बैठे मंत्री जी 25 दिन बाद खुद मान गए! अपने विवादित PS के साथ ऑफिस पहुंचे प्रोफेसर चंद्रशेखर

पटना: कहा जाता है कि रूठना तब ही अच्छा लगता है, जब कोई मनाने वाला हो। अगर कोई मनाने वाला है ही नहीं तो रूठना बेकार है। अब बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर को ही देख लीजिए। करीब 25 दिन से रूठे थे। उनको लग रहा था कि कोई मनाने आएगा। मनाना तो दूर कोई पूछने भी नहीं आया। अंत में थक हारकर खुद मान गए और 25 दिन बाद अपने विवादित पीएस के साथ ऑफिस पहुंच गए। दरअसल, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से हुए विवाद के बाद मंत्री जी नाराज चल रहे थे। उन्होंने ऑफिस जाना भी छोड़ दिया था। ना ही नीतीश कुमार ने उनका नोटिस लिया, ना लालू यादव ने। ऐसे में मंत्री जी 25 दिन बाद खुद ऑफिस पहुंच गए। खास बात ये रही कि मंत्री जी के जिस प्राइवेट सेक्रेट्री कृष्णानंद यादव को ऑफिस में घुसने पर रोक लगा दी गई थी, उसे प्रोफेसर चंद्रशेखर अपनी गाड़ी में साथ लेकर आये।

मंगलवार देर शाम मंत्री चंद्रशेखर सचिवालय स्थित अपने ऑफिस में पहुंचे। इस दौरान उनके साथ विवादित पीएस यानि प्राइवेट सेक्रेट्री कृष्णानंद यादव भी मौजूद रहे। जब तक शिक्षा मंत्री ऑफिस में रहे कृष्णानंद यादव भी चैंबर में मौजूद रहे। मंत्री जी के साथ ही ऑफिस से निकल गए। दरअसल, ये वही कृष्णानंद यादव हैं, जिनको ऑफिस में घुसने पर केके पाठक ने रोक लगवा दिया है। बताया जा रहा है कि अपने पीएस को मंत्री जी साथ लेकर आए थे, इसलिए किसी ने रोका नहीं।

Bihar Education Department: मान गए बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, 25 दिन बाद पहुंचे विभाग

पीत पत्र को लेकर चर्चा में आए थे कृष्णानंद यादव

शिक्षा मंत्री के प्राइवेट सेक्रेट्री कृष्णानंद यादव पीत पत्र को लेकर चर्चा में आए थे। दरअसल, जुलाई महीने के 4-5 तारीख को शिक्षा मंत्री ने अपने प्राइवेट सेक्रेट्री कृष्णानंद यादव से विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को एक पत्र भिजवाया था। उस पत्र के बाद बिहार में बवाल मच गया था। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। इस मुद्दे पर जमकर सियासत भी हुई थी। मंत्री जी के पीएस के पीत पत्र के जवाब में केके पाठक ने शिक्षा विभाग के निदेशक से करारा लेटर भिजवा दिया था। उस पत्र के बाद ही मंत्री जी रूठ गए थे और ऑफिस जाना बंद कर दिया था।

लालू-तेजस्वी ने नहीं किया सपोर्ट

विवाद बढ़ा तो सियासत भी जमकर हुई। आरजेडी और जेडीयू नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को उम्मीद थी कि इस मुद्दे पर लालू यादव और तेजस्वी यादव से उन्हें सहारा मिलेगा। लेकिन दोनों ने झटका दे दिया। शिक्षा मंत्री लालू यादव की सलाह पर सीएम से भी मिले, लेकिन केके पाठक मामले में नीतीश कुमार ने मंत्री जी की कोई दलील सुनने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में मंत्री रूठ कर घर बैठ गए और ऑफिस जाना बंद कर दिया था।

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