रविवार, 27 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' शुरू, भारतीय आकाश में सात देशों की वायुसेनाओं का जमावड़ा

भारत की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय हवाई सैन्य अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' का उद्घाटन हो गया है, जिसके बाद भारतीय आसमान अगले कई दिनों तक दुनिया की कुछ सबसे उन्नत वायुसेनाओं की गतिविधियों का केंद्र बना…

बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' शुरू, भारतीय आकाश में सात देशों की वायुसेनाओं का जमावड़ा
(फोटो: IANS)

भारत की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय हवाई सैन्य अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' का उद्घाटन हो गया है, जिसके बाद भारतीय आसमान अगले कई दिनों तक दुनिया की कुछ सबसे उन्नत वायुसेनाओं की गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर में इस अभ्यास का ऑपरेशनल चरण शुरू हो चुका है, जहाँ भारत समेत सात मित्र देशों की वायु सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के लिए जुट रही हैं।

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12 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश हिस्सा ले रहे हैं। कुछ अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में भी शामिल होंगे। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के लिए विभिन्न देशों के साथ अपने पेशेवर अनुभव साझा करने और संयुक्त प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। 'तरंग शक्ति' का यह दूसरा संस्करण है; पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था।

अभ्यास का उद्देश्य और महत्व

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'तरंग शक्ति' का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, हवाई सुरक्षा और परिचालन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना है। आधुनिक हवाई अभियानों में कई देशों की सेनाओं के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस अभ्यास के दौरान विमान चालक दल, अभियान योजना विशेषज्ञ और सहायक कर्मी एक साथ काम करेंगे, जिससे उन्हें एक-दूसरे की क्षमताओं, कार्यशैली और रणनीतिक सोच को समझने का अवसर मिलेगा।

दुनिया के प्रमुख लड़ाकू विमान एक साथ

इस अभ्यास में एफ-35 लाइटनिंग II, राफेल और एफ-16 जैसे विश्व प्रसिद्ध लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। इनके अलावा, परिवहन और हवा में ईंधन भरने की क्षमता वाले ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए जैसे विमान भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह विविधता अभ्यास को खास बनाती है, क्योंकि यह एक ही मंच पर विभिन्न प्रकार की हवाई शक्तियों को एक साथ लाती है।

सैन्य गतिविधियों से परे

'तरंग शक्ति 2026' सिर्फ हवाई गतिविधियों तक सीमित नहीं है। इसके तहत एक विशेष संगोष्ठी, विदेशी प्रतिनिधियों के लिए औद्योगिक भ्रमण, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का दौरा और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य विदेशी सैन्यकर्मियों को भारत के विमानन और रक्षा उद्योग से परिचित कराना और उनके बीच व्यक्तिगत संबंधों को बढ़ावा देना है। हाल ही में, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और फ्रांसीसी वायु सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने भी अभ्यास स्थल का दौरा कर इसके महत्व को रेखांकित किया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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