रक्षा कूटनीति: भारत ने ग्रीस और रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने पर की अहम बैठकें
भारत ने अपने रक्षा संबंधों को विस्तार देने के लिए दो प्रमुख देशों, ग्रीस और रूस, के साथ अलग-अलग उच्च-स्तरीय वार्ता की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य केंद्र सैन्य सहयोग को मजबू…
भारत ने अपने रक्षा संबंधों को विस्तार देने के लिए दो प्रमुख देशों, ग्रीस और रूस, के साथ अलग-अलग उच्च-स्तरीय वार्ता की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य केंद्र सैन्य सहयोग को मजबूत करना और रक्षा उद्योग में साझेदारी के नए रास्ते तलाशना रहा। एक ओर जहां रक्षा सचिव ने ग्रीस के शीर्ष सैन्य अधिकारी से मुलाकात की, वहीं दूसरी ओर रूसी सैन्य कमांडर ने नई दिल्ली का दौरा किया।
ग्रीस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर जोर
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस चर्चा में दोनों देशों के बीच साझा रणनीतिक हितों की बढ़ती समानता को रेखांकित किया गया। दोनों अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए नियमित संवाद और सैन्य संपर्क बनाए रखना आवश्यक है। इसके तहत, दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बैठक में रक्षा औद्योगिक साझेदारी को भी एक प्रमुख प्राथमिकता के रूप में पहचाना गया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाना है।
रूस के साथ पारंपरिक संबंधों को नई ऊर्जा
भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के क्रम में, मॉस्को के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की भारत दौरे पर हैं। अपनी यात्रा की शुरुआत में उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों सैन्य अधिकारियों ने द्विपक्षीय सैन्य संपर्क बढ़ाने और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर विचार-विमर्श किया।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों की नौसेनाएं पहले से ही एक संयुक्त युद्धाभ्यास में शामिल हैं। रूस में चल रहे 'इंद्र' नामक इस नौसैनिक अभ्यास का समुद्री चरण शुरू होने वाला है, जो 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके लिए भारतीय युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और रूसी युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव की टीमों के बीच एक योजना सम्मेलन भी आयोजित किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



