समुद्री आत्मनिर्भरता की राह पर भारत, 2047 तक टॉप-5 जहाज निर्माता देश बनने का लक्ष्य
भारत ने समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का लक्ष्य 2047…
भारत ने समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को दुनिया के शीर्ष पांच जहाज निर्माता देशों की सूची में शामिल करना है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है।
सोमवार को मुंबई में शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश के समुद्री क्षेत्र को एक नई दिशा मिली है, जिसके तहत बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग क्षेत्र में लगातार विस्तार हो रहा है।
विदेशी निर्भरता कम करने की योजना
सोनोवाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान में भारत का केवल 5 प्रतिशत निर्यात कार्गो ही भारतीय झंडे वाले जहाजों द्वारा ले जाया जाता है, जबकि 95 प्रतिशत हिस्सा विदेशी शिपिंग कंपनियों पर निर्भर है। इस निर्भरता के कारण देश से हर साल लगभग 75 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर चली जाती है। उन्होंने कहा कि लाल सागर, काला सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया भू-राजनीतिक घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए पर्याप्त शिपिंग क्षमता का होना कितना महत्वपूर्ण है।
क्षमता विस्तार का रोडमैप
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही है। योजना के तहत 436 नए जहाज जोड़े जाएंगे, जिससे देश की ग्रॉस टनेज (जीटी) क्षमता मौजूदा 14 मिलियन जीटी से बढ़कर 19 मिलियन जीटी हो जाएगी। इसके साथ ही, जहाज निर्माण क्षमता को भी 4.5 मिलियन जीटी तक बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के तहत 2030 तक भारत को शिपिंग टनेज के मामले में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘सेलिंग इंडियाज ग्रोथ, शेपिंग मैरीटाइम ट्रांसफॉर्मेशन’ थीम पर हुए इस कार्यक्रम में सोनोवाल ने देश की समुद्री यात्रा में पिछले 65 वर्षों में एससीआई की महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की।
इनपुट: IANS



