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भारत-जापान सहयोग: वन प्रबंधन को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करेगा नया प्रोजेक्ट

भारत के वनों और वन्यजीवों के प्रबंधन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से केंद्र सरकार ने एक…

भारत-जापान सहयोग: वन प्रबंधन को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करेगा नया प्रोजेक्ट
(फोटो: IANS)

भारत के वनों और वन्यजीवों के प्रबंधन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से केंद्र सरकार ने एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य जलवायु परिवर्तन और नई पर्यावरणीय चिंताओं से निपटने के लिए वनकर्मियों की क्षमताओं को बढ़ाना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस प्रोजेक्ट पर आयोजित एक वर्कशॉप का उद्घाटन किया।

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इस प्रोजेक्ट का नाम "प्रभावी वन प्रबंधन के लिए क्षमता वृद्धि" रखा गया है और इसे 2025-26 से 2031-32 तक लागू किया जाएगा। इसका मुख्य ध्यान देश के अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों के कौशल को उन्नत करने पर है, ताकि वे वनों और वन्यजीवों के प्रबंधन की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें।

प्रोजेक्ट का बजट और दायरा

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एडीजी (वन्यजीव) रमेश पांडे ने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट का कुल बजट 537.10 करोड़ रुपये है। इसमें जापान की एजेंसी JICA 440.42 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि भारत सरकार की हिस्सेदारी 96.68 करोड़ रुपये होगी। यह प्रोजेक्ट देश के सभी राज्यों को कवर करेगा, जिसमें नए शामिल होने वाले राज्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आधुनिक ट्रेनिंग और तकनीक पर जोर

वर्कशॉप को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जंगल जलवायु कार्रवाई, जैव विविधता संरक्षण और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जंगल की आग के प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में वन कर्मियों की तकनीकी और फील्ड-स्तरीय क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने कहा, "फ्रंट-लाइन कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना सिर्फ़ समय-समय पर क्लासरूम में दी जाने वाली ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि वे फील्ड में वैज्ञानिक जानकारी, नई टेक्नोलॉजी और व्यावहारिक कौशल का इस्तेमाल कर सकें।" उन्होंने पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों को मिलाकर विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल बनाने की भी वकालत की।

भारत-जापान की लंबी साझेदारी

JICA इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधि ईजी वाकामात्सु ने बताया कि भारत के साथ उनकी वानिकी साझेदारी लगभग तीन दशकों से चल रही है, जिससे सात लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि यह नया प्रोजेक्ट वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए भारतीय और जापानी अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में लकड़ी के बेहतर उपयोग, आजीविका के अवसर पैदा करने और वन प्रबंधन के लिए डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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