बेंगलुरु: अंबेडकर विकास निगम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने 5 और लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
बेंगलुरु में डॉ. बी.आर. अंबेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (ADC) से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
बेंगलुरु में डॉ. बी.आर. अंबेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (ADC) से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने अयूब सैयद समेत पांच और आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए अदालत में एक अतिरिक्त अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की है।
यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और जालसाजी से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई एक FIR से हुई थी। इसी FIR को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
कैसे हुआ करोड़ों का गबन?
ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान का इस्तेमाल कर बेंगलुरु के स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की एचएएल-II स्टेज ब्रांच में अंबेडकर विकास निगम के नाम पर एक नकली चालू खाता खुलवाया।
इसके बाद, उन्होंने निगम की 5-5 करोड़ रुपये की चार सावधि जमाओं (FDs) को समय से पहले बंद करवा लिया। इसके लिए नकली टीडीआर/एफडीआर दस्तावेजों और फर्जी प्री-क्लोजर पत्रों का सहारा लिया गया। इस तरीके से लगभग 14.95 करोड़ रुपये की रकम का गबन किया गया, जिसे पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध की आय माना गया है।
पैसे को ठिकाने लगाने का तरीका
एजेंसी ने बताया कि गबन की गई इस रकम को कई अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थाओं के बैंक खातों में घुमाया गया ताकि इसके असली स्रोत को छिपाया जा सके। फंड को लॉन्डर करने के लिए कई बार ट्रांसफर और नकद निकासी की गई। पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए बयानों से भी इस बात की पुष्टि हुई कि यह रकम जानबूझकर हासिल की गई, ट्रांसफर की गई और निकाली गई।
यह भी उल्लेखनीय है कि ईडी पहले भी इस मामले में 15 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ 25 मार्च, 2026 को एक अभियोजन शिकायत दर्ज कर चुका है। उस समय जांच एजेंसी ने आरोपियों की करीब 6.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की मांग की थी। बाद में, 22 जुलाई, 2026 को एक और कुर्की आदेश जारी कर एक आरोपी की 24 लाख रुपये की अचल संपत्ति को जब्त किया गया था। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
इनपुट: IANS



