Barmer Mig 21 Crash: ‘फ्लाइंग कॉफिन’ ने ली दो और पायलटों की शहादत, राजस्थान में 10 साल में 8वां मिग जमींदोज

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Barmer Mig 21 Crash: ‘फ्लाइंग कॉफिन’ ने ली दो और पायलटों की शहादत, राजस्थान में 10 साल में 8वां मिग जमींदोज

Rajasthan Mig 21 Crash : राजस्थान में एक बार फिर भारतीय वायुसेना का फाइटर एयरक्राफ्ट हादसे (MiG 21 Crash Barmer) का शिकार हुआ है। घटना बाड़मेर की है, जहां गुरुवार को उत्तरलाई एयरबेस से उड़ान भरने के बाद ट्विन सीटर मिग-21 रात करीब 9.10 बजे भीमदा गांव के पास एक खेत में गिरा और फिर आग का गोला बन गया। हादसा इतना भयानक था कि एयरक्राफ्ट में मौजूद दोनों पायलटों को बचने का मौका नहीं मिला। बाड़मेर में पिछले 11 महीने के दौरान वायुसेना का ये दूसरा विमान क्रैश हुआ है। वहीं पिछले 10 साल के दौरान राज्य में 8 हादसे हुए हैं। हालांकि, ये पहली बार है जब दो पायलट शहीद हुए हैं।

मिग 21 क्रैश में दोनों पायलट को बचने का नहीं मिला मौका

जानकारी के मुताबिक, बाड़मेर हादसे में दोनों पायलटों की मौत से हर कोई सन्न रह गया। सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ कि पायलट एयरक्राफ्ट से निकल ही नहीं सके। कहा जा रहा कि तकनीकी खराबी के कारण मिग 21 एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ। जहां ये घटना हुई उसके आधा किलोमीटर के दायरे में आग ही आग फैल गई। करीब 15 फीट में बड़ा गड्ढा हो गया। भारतीय वायुसेना के अनुसार, बाड़मेर में हादसे का शिकार हुआ मिग 21 विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था। गुरुवार रात 9.10 बजे यह हादसा बायतू के भीमड़ा गांव के पास हुआ।

AIF ने पायलटों की मौत पर जताया शोक

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इंडियन एयरफोर्स ने एयरक्राफ्ट में मौजूद दोनों पायलटों की मौत पर गहरा दुख जताया है। वहीं दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। बाड़मेर में एयरक्राफ्ट क्रैश का ये पहला मामला नहीं है। पिछले 11 महीने के दौरान ये दूसरी घटना है।

राज्य में 10 साल के दौरान हुए 8 हादसे

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राजस्थान में पिछले 10 साल के दौरान ऐसे 8 हादसे हुए हैं। हालांकि, ये पहली बार है जब दो पायलट शहीद हुए हैं। इसी तरह की घटना पिछले साल 24 दिसंबर को भी हुई थी, जब भारतीय वायुसेना का मिग-21 फाइटर एयरक्राफ्ट राजस्थान के जैसलमेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा की मौत हो गई थी।

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बाड़मेर में पिछले साल अगस्त में भी हुआ था मिग क्रैश

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अगस्त 2021 में भी बाड़मेर में एक मिग-21 विमान क्रैश हुआ था। यह भी फाइटर जेट प्रशिक्षण उड़ान पर था। टेक ऑफ के बाद अचानक तकनीकी खामी के बाद ये एक झोपड़ी पर गिर गया। इस हादसे में पायलट की जान बच गई थी। क्रैश से पहले ही पायलट इससे इजेक्ट हो गया था।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर जताया दुख, वायुसेना प्रमुख से की बात

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बाड़मेर हादसे पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया है। उन्होंने दुर्घटना के संबंध में वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी से बात की। रक्षामंत्री ने ट्वीट में कहा कि राजस्थान के बाड़मेर में वायु सेना के मिग-21 ट्रेनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो वायु योद्धाओं के प्राण गंवाने से बेहद दुखी हूं। देश के प्रति उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदना उनके परिजनों के साथ हैं। राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना पर दुख जताते हुए शोक संतप्‍त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

जानें क्यों कहते हैं ‘फ्लाइंग कॉफिन’

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1964 से इस विमान को ऑपरेट कर रही भारतीय वायुसेना में इसके क्रैश रिकॉर्ड को देखते हुए ‘फ्लाइंग कॉफिन’ (उड़ता ताबूत) नाम दिया गया है। 1959 में बना मिग-21 अपने समय में सबसे तेज गति से उड़ान भरने वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक था। इसकी स्पीड के कारण ही तत्कालीन सोवियत संघ के इस लड़ाकू विमान से अमेरिका भी डरता था। यह इकलौता ऐसा विमान है जिसका इस्तेमाल दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है। मिग-21 इस समय भी भारत समेत कई देशों की वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। मिग-21 एविएशन के इतिहास में अबतक का सबसे अधिक संख्या में बनाया गया सुपरसोनिक फाइटर जेट है। इसके अबतक 11496 यूनिट्स का निर्माण किया जा चुका है।

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