दिल्ली-NCR: बारिश रुकते ही हवा फिर हुई जहरीली, ग्रेटर नोएडा में AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर थमते ही वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है, आलम यह है कि ग्रेटर नोएडा के एक इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300…
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर थमते ही वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है, आलम यह है कि ग्रेटर नोएडा के एक इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के चिंताजनक स्तर को पार कर गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश न होने के कारण हवा में प्रदूषक कण जमा हो रहे हैं, जिससे दिल्ली और आसपास के शहरों में स्थिति खराब हो रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा, जिससे प्रदूषण से तत्काल राहत की उम्मीद कम है। 27 सितंबर तक बारिश की कोई चेतावनी नहीं है और आसमान मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में बिगड़े हालात
प्रदूषण का सबसे गंभीर असर ग्रेटर नोएडा में देखने को मिला है, जहां नॉलेज पार्क-5 का एक्यूआई 330 तक पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। वहीं, नॉलेज पार्क-3 का एक्यूआई भी 209 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' माना जाता है। गाजियाबाद में भी स्थिति अच्छी नहीं है। लोनी में एक्यूआई 203 तक पहुंच गया है, जबकि वसुंधरा (187), इंदिरापुरम (186), और संजय नगर (164) जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में है।
राजधानी दिल्ली भी प्रदूषण की चपेट में
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़े राजधानी में बढ़ते प्रदूषण की पुष्टि करते हैं। शहर के कई इलाके खराब हवा की मार झेल रहे हैं। चांदनी चौक में एक्यूआई 235, आनंद विहार में 208 और बवाना में 203 दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (162), बुराड़ी क्रॉसिंग (159), और सीआरआरआई मथुरा रोड (159) में भी वायु गुणवत्ता 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी के बीच बनी हुई है।
इनपुट: IANS



