Barapullah Flyover Accident: होली खेलकर घर लौट रहे परिवार के लिए कार बनी काल, एक ही परिवार के दो लोगों की मौत

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Barapullah Flyover Accident: होली खेलकर घर लौट रहे परिवार के लिए कार बनी काल, एक ही परिवार के दो लोगों की मौत

नई दिल्ली : साउथ-ईस्ट दिल्ली इलाके में बारापुला फ्लाइओवर (Barapullah Flyover Accident) पर होली की रात एक तेज रफ्तार कार ने ऑटो में टक्कर मार दी। ऑटो में एक ही परिवार के चार लोग सवार थे। हादसे में ऑटो में सवार 13 साल के आयुष और उसकी मां गीता की मौत हो गई। आरोपी कार ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

19 मार्च को था बेटे आयुष का जन्मदिन
मालवीय नगर (Malviya Nagar) इलाके में स्थित अपने बड़े भाई के परिवार के साथ होली खेलकर जर्नादन भट्ट परिवार के साथ ऑटो में सवार होकर ईस्ट विनोद नगर लौट रहे थे। 19 मार्च को छोटे बेटे आयुष का जन्मदिन था। लेकिन इस हादसे ने भट्ट परिवार की दुनिया ही लूट ली। जर्नादन के रिश्तेदार सुनील भट्ट ने बताया कि जर्नादन मूलरूप से पिथौरागढ़, उत्तराखंड के रहने वाले हैं। नोएडा में एक प्रिंटिंग प्रेस में जॉब करते हैं। बड़े भाई का परिवार मालवीय नगर में रहता है। छोटी होली के दिन चारों लोग मालवीय नगर गए थे। परिजनों ने बताया कि आयुष ने इस बार 7वीं के पेपर दिए थे। अभी रिजल्ट आने वाला है। वह पढ़ाई को लेकर बहुत गंभीर रहता था। जन्मदिन को लेकर बहुत उत्साहित था।

शुक्रवार शाम को घर चलने की बात हुई तो एक बार बड़े भाई और भाभी ने उन्हें रोका भी कि कल चले जाना। आयुष का जन्मदिन भी यहीं मना लेंगे। लेकिन बड़े बेटे के 12वीं के बोर्ड एग्जाम और कोचिंग को देखते हुए परिवार ने यमुनापार अपने घर पर आना ही मुनासिब समझा। चारों मालवीय नगर से ऑटो लेकर घर आ रहे थे कि तभी बारापुला फ्लाइओवर के बीच में यह हादसा हो गया।

पिता के सामने ही बेटे ने तोड़ा था दम
सुनील ने बताया कि जर्नादन को अस्पताल से छुट्टी तो मिल गई है, लेकिन गुमसुम हैं। उन्होंने केवल इतना बताया कि ऑटो में टक्कर लगने के बाद वह सब ऑटो से बाहर गिर पड़े थे। उनकी आंखों के सामने ही उनके छोटे बेटे ने दम तोड़ा था। लेकिन वह कुछ नहीं कर पाए। करीब आधे घंटे तक उन्हें मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद वह बेहोश हो गए, होश आया तो वह एम्स ट्रॉमा में थे। होश आने पर बड़े भाई को एक्सिडेंट के बारे में बताया लेकिन उन्हें पत्नी के बारे में कुछ नहीं पता था।

परिवार के लोगों ने भी उनकी पत्नी की मौत हो जाने के बाद उन्हें शनिवार सुबह उस वक्त तक कुछ नहीं बताया था, जब तक कि उनकी अस्पताल से छुट्टी नहीं हो गई। छुट्टी होने पर जब उन्होंने अपनी पत्नी और बड़े बेटे के बारे में पूछा, तब उन्हें सचाई बताई गई। बड़े बेटे को कुछ जगह चोट लगी है। अभी उसे एक-दो दिन अस्पताल में रखा जाएगा। जबकि ऑटो ड्राइवर को फ्रैक्चर हुआ है।

सुनील ने बताया कि आयुष और उसकी मां गीता का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किया गया। दोनों का अंतिम संस्कार परिवार के अन्य सदस्यों ने किया। अभी भी उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उनके साथ यह क्या हो गया। एक ही झटके में उनकी तो दुनिया ही लुट गई।

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